सीजी भास्कर, 24 अप्रैल |
गरियाबंद। जिले के देवभोग क्षेत्र में स्कूली छात्रों और एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षक कौशल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। भुवनेश्वर से आई एनडीआरएफ की तीसरी बटालियन की टीम ने यह प्रशिक्षण आयोजित किया, ताकि आपात स्थिति में छात्र प्रभावी तरीके से मदद कर सकें।
देवभोग और जामगांव हाईस्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत फैमिलियराइजेशन एक्सरसाइज और सामुदायिक जागरूकता शिविर लगाए गए। एनडीआरएफ टीम ने छात्रों, स्वयंसेवकों और समाजसेवियों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर, गला घुटने की स्थिति में बचाव, अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के तरीके और सांप के काटने पर तत्काल उपचार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
टीम के सब-इंस्पेक्टर वी.के. मीणा के नेतृत्व में मास्टर ट्रेनर राकेश पोथल, एस.के. साहू और पार्थ साईं ने बाढ़ और बादल फटने जैसी आपदाओं के दौरान बचाव कार्यों की बारीकियों को समझाया। प्रशिक्षण के दौरान डेमो और प्रायोगिक अभ्यास के जरिए छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में काम आने वाले कौशल सिखाए गए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एनसीसी अधिकारी गणेश सोनी, नोडल प्राचार्य सुरेश टांडीलय, संकुल समन्वयक सुरेश नारायण शुक्ला, केशरी कश्यप और कस्तूरबा विद्यालय की अधीक्षिका उष्णदेवी वैष्णव का विशेष योगदान रहा।
पांचों ब्लॉकों में होंगे आयोजन
टीम लीडर वी.के. मीणा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समुदाय को आपदा के प्रति जागरूक बनाना, उनकी सहनशीलता बढ़ाना और आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवहारिक कौशल विकसित करना है। उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल तक जिले के विभिन्न संवेदनशील और नदी तटीय क्षेत्रों—कोपरा, सुरसाबांधा, मालगांव, सरकड़ा, सारागांव, जाडापदर और कुल्हाड़ीघाट में भी इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।


