सीजी भास्कर, 19 जुलाई : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सूरजपुर ब्रिज कोलैप्स (Surajpur Bridge Collapse) की बड़ी घटना सामने आई है। जिले की गोबरी नदी पर बना रपटा पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय और नेशनल हाईवे-43 से संपर्क टूट गया। वहीं मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हो गई हैं और पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
सूरजपुर जिले (Surajpur Bridge Collapse) में गोबरी नदी पर बना रपटा पुल बारिश के तेज बहाव में बह गया। पुल टूटने से डबरीपारा, बासापारा, शिवप्रसाद नगर सहित दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और नेशनल हाईवे-43 से पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों का दावा है कि यह पुल करीब एक महीने पहले ही बनाया गया था और पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया।

ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी
रपटा पुल (Surajpur Bridge Collapse) बहने के बाद ग्रामीणों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था शुरू कर दी है।
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सरगुजा में आकाशीय बिजली से दो बच्चों की मौत
बारिश के बीच सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से चार बच्चे झुलस गए। इनमें दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य सगे भाइयों का अस्पताल में इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।
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जांजगीर में जलाशय टूटा, 125 लोगों को सुरक्षित निकाला
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित कर्रा नाला जलाशय का एक हिस्सा तेज बारिश के कारण बह गया। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 125 लोगों को राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया। प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
बिलासपुर में हाईवे पर भरा पानी
बिलासपुर में लगातार बारिश से नेशनल हाईवे-49 के कई हिस्सों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा और कई वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
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बंगाल-झारखंड का लो-प्रेशर सिस्टम बना वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिम बंगाल और उत्तरी झारखंड के ऊपर सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम तथा ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगातार बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहा है। इसके साथ सक्रिय मानसून ट्रफ और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के मौसम तंत्र के कारण छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
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अगले 48 घंटे सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों को पार करने का जोखिम न लें, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें।
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