सीजी भास्कर, 21 अप्रैल : महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार (Women Reservation Bill Row) पर निशाना साधते हुए तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को दिक्कत है तो कौशल्या भाभी को ही मुख्यमंत्री बना दिया जाए। यह पूरा विवाद महिला आरक्षण पर सियासी टकराव को और तेज कर रहा है।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जनसंघ, आरएसएस और भाजपा ने कभी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में पर्याप्त अवसर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले राजीव गांधी ने की थी, लेकिन उस समय भाजपा के विरोध के कारण यह कानून पास नहीं हो सका। यह ऐतिहासिक बहस (Women Reservation Bill Row) अब फिर से राजनीति के केंद्र में आ गई है।
उन्होंने पंचायत राज व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद लाखों महिलाएं राजनीति में आईं और आज नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है। भूपेश बघेल ने यह बयान अपने निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया, जिससे यह राजनीतिक बयानबाजी (Women Reservation Bill Row) और तेज हो गई।
छत्तीसगढ़ में विशेष सत्र की तैयारी
इधर, विष्णु देव साय की सरकार महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। इस सत्र में विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी योजना बनाई जा रही है। यह प्रस्ताव विधानसभा में राजनीतिक रणनीति (Women Reservation Bill Row) का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया के तहत पहले कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा, इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही सत्र आयोजित होगा। यह पूरा घटनाक्रम (Women Reservation Bill Row) को लेकर राज्य में सियासी हलचल बढ़ा रहा है।
भाजपा का विरोध प्रदर्शन तेज
महिला आरक्षण बिल संसद में पारित नहीं होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ देशभर में आंदोलन शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ में भी 20 अप्रैल से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हो चुकी है। 23-24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 26-27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। यह विरोध कार्यक्रम (Women Reservation Bill Row) को जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश है।
सीएम साय का विपक्ष पर हमला
सीएम विष्णु देव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विपक्ष के रवैये के कारण नहीं मिल पाया। उन्होंने इंडी गठबंधन पर आरोप लगाया कि उसने करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को तोड़ा है। यह आरोप-प्रत्यारोप (Women Reservation Bill Row) अब और तेज हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज में महिलाओं को 57 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है और विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। इसके बावजूद विपक्ष की राजनीति महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ रही है। यह सियासी आरोप (Women Reservation Bill Row) चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है।
लोकसभा में पास नहीं हो सका बिल
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। इस बिल में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। यह संसदीय गतिरोध (Women Reservation Bill Row) देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पीएम मोदी ने जताया खेद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिल पास नहीं हो पाने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने दलहित को देशहित से ऊपर रखा, जिससे महिलाओं के अधिकारों को नुकसान हुआ। यह बयान (Women Reservation Bill Row) को राष्ट्रीय स्तर पर और चर्चा में ले आया है।
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनकी राजनीति के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं इस घटनाक्रम को याद रखेंगी। यह राजनीतिक संदेश (Women Reservation Bill Row) आने वाले चुनावों में असर डाल सकता है।


