सीजी भास्कर, 14 जून। अवैध शराब मामले में जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक के साथ जेल में मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी जान गई। वहीं पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। (Undertrial Prisoner Death)
जेल में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत : Undertrial Prisoner Death
कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी 28 वर्षीय संजय बघेल को 10 जून को अवैध शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। शनिवार सुबह जेल में उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और घटना को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने लगाए मारपीट और पैसे लेकर छोड़ने के आरोप
मृतक के पिता प्यारे लाल बघेल ने आरोप लगाया कि एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने संजय और एक अन्य युवक को पकड़ा था। उनका दावा है कि दूसरे युवक को 40 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया गया, जबकि पैसे नहीं देने पर उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि जेल में संजय के साथ मारपीट की गई थी और काफी देर तक उन्हें शव देखने की अनुमति भी नहीं दी गई। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत, जांच जारी : Undertrial Prisoner Death
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को दिखाया गया।
जेल अधीक्षक जीएस सोरी ने कहा कि संजय बघेल की तबीयत खराब होने पर पहले जेल अस्पताल में उसका उपचार कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने जेल में किसी भी प्रकार की मारपीट के आरोपों से इनकार किया है।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।





