सीजी भास्कर, 14 जून : छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) एक नए विवाद में घिर गई है। योजना के तहत सामूहिक विवाह में शामिल हुई कुछ नवविवाहिताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी के बजाय गिलेट (कथित नकली धातु) से बने मंगलसूत्र वितरित किए गए हैं। मामला सामने आने के बाद योजना के संचालन और सामग्री खरीदी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार एमसीबी जिले के रतनपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 189 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया था। विवाह समारोह में शासन की ओर से नवदंपत्तियों को गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री और मंगलसूत्र भी प्रदान किए गए थे। विवाह के बाद कुछ महिलाओं ने दावा किया कि उन्हें दिए गए मंगलसूत्र चांदी के नहीं हैं और उनकी गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं है।
189 जोड़ों के सामूहिक विवाह के बाद उठा विवाद
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह कराया गया था। शासन द्वारा नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप विभिन्न सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। इसी दौरान वितरित मंगलसूत्र को लेकर कुछ हितग्राहियों ने आपत्ति जताई और इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
विभाग पर लगे अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप
मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि योजना के लिए खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता की उचित जांच नहीं की गई। वहीं विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिए जांच के निर्देश
एक दिवसीय दौरे पर सूरजपुर पहुंचीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर को सौंपी गई है।
पारदर्शिता से समझौता नहीं : मंत्री
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन और पारदर्शिता के सिद्धांतों के साथ कार्य कर रही है। जनता के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।




