सीजी भास्कर, 30 जुलाई : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC Scam) भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करेगा। पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद ईडी अदालत से दोबारा रिमांड की मांग कर सकती है। यदि रिमांड नहीं मिली तो एजेंसी उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का अनुरोध करेगी।
ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि के लिए आगे पूछताछ जरूरी है।
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डिजिटल साक्ष्यों और मनी ट्रेल पर फोकस
ईडी के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और आर्थिक लेन-देन की ओर संकेत करते हैं। एजेंसी का दावा है कि वर्ष 2021 में भर्ती नियमों में परिवार की परिभाषा बदलकर हितों के टकराव से जुड़े प्रावधानों को कमजोर किया गया, जिससे रिश्तेदारों और परिचितों के चयन का रास्ता आसान हुआ।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से प्राप्त रकम का कुछ हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि बाकी राशि विभिन्न बैंक खातों और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से स्थानांतरित की गई। इसी कथित मनी ट्रेल (Money Trail) की कड़ियों को जोड़ने के लिए ईडी लगातार पूछताछ कर रही है।
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पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयान के दौरान टामन सिंह सोनवानी ने कई अहम सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए। एजेंसी का कहना है कि आवश्यक जानकारी छिपाने और जांच में पूरा सहयोग नहीं करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया, ताकि मामले में शामिल अन्य लोगों और आर्थिक लेन-देन की पूरी श्रृंखला तक पहुंचा जा सके।
ईडी का मानना है कि आगे की पूछताछ से भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। इसी आधार पर एजेंसी अदालत से एक बार फिर रिमांड की मांग कर सकती है।
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EOW-ACB और CBI जांच के आधार पर कार्रवाई
यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एफआईआर और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के आधार पर दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षा में आपराधिक साजिश, प्रश्नपत्र लीक, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जारी है।
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ईडी का आरोप है कि टामन सिंह सोनवानी ने कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित रूप से चयन प्रक्रिया में हेराफेरी की, जिससे रिश्तेदारों और पसंदीदा अभ्यर्थियों का डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयन सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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आज की सुनवाई पर टिकी नजर CGPSC Scam
आज विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय कर सकती है। अदालत यह फैसला करेगी कि ईडी को आगे पूछताछ के लिए रिमांड दी जाए या आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। दूसरी ओर जांच एजेंसी बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड, संपत्तियों और कथित भर्ती घोटाले (CGPSC Scam) से जुड़े आर्थिक लेन-देन की गहन पड़ताल में जुटी हुई है। मामले में आने वाले दिनों में अन्य लोगों से भी पूछताछ या नई कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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