सीजी भास्कर, 30 जुलाई : राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक और स्वर्ण तथा दो रजत पदक अपने नाम किए। पैरा एथलेटिक्स की पुरुष टी47 वर्ग की 100 मीटर दौड़ में दिलीप महादु गावित ने नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि इसी स्पर्धा में मोहम्मद बासिल ने सिल्वर हासिल किया। दूसरी ओर पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी सफलता डाली।
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पैरा एथलेटिक्स में भारत का दबदबा
पुरुषों की टी47 वर्ग की 100 मीटर दौड़ में भारत के दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। यह समय राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी बन गया। इसी दौड़ में भारत के मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया। एक ही स्पर्धा में भारत के दो खिलाड़ियों का पोडियम पर पहुंचना देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
टी47 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके एक या दोनों हाथों में शारीरिक अक्षमता होती है। इस वर्ग में प्रतिस्पर्धा बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।
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संघर्ष से सफलता तक दिलीप गावित का सफर
महाराष्ट्र के नासिक जिले के किसान परिवार से आने वाले दिलीप महादु गावित की सफलता प्रेरणादायक है। बचपन में एक हादसे में उन्होंने अपना दाहिना हाथ खो दिया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कठिन मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया।
वहीं मोहम्मद बासिल ने अपने खेल करियर की शुरुआत सामान्य एथलीट के रूप में की थी। बाद में पैरा स्पोर्ट्स से जुड़ने के बाद उन्होंने लगातार मेहनत की और अब राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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मुरली श्रीशंकर ने फिर जीता सिल्वर
पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में भारत के स्टार एथलीट मुरली श्रीशंकर ने अपने दूसरे प्रयास में 8.09 मीटर की छलांग लगाई। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह लगातार दूसरे राष्ट्रमंडल खेल हैं, जहां श्रीशंकर ने रजत पदक जीता है। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय लॉन्ग जंपर बन गए हैं। इस स्पर्धा में जमैका के तजय गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी को कांस्य पदक मिला।
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चोट से वापसी कर रचा इतिहास
मुरली श्रीशंकर के लिए यह पदक बेहद खास है। वर्ष 2024 में गंभीर चोट के कारण वे पेरिस ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके थे। लंबे समय तक पुनर्वास और कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में फिर से पदक जीत लिया।
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भारत की मेडल टैली में उछाल Commonwealth Games 2026
सातवें दिन की प्रतियोगिताओं के बाद भारत के खाते में 3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 15 पदक हो गए हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय दल पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया 47 स्वर्ण सहित 103 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
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बॉक्सिंग में भी पदक पक्के
भारतीय मुक्केबाजों (Commonwealth Games 2026) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक सुनिश्चित कर लिए हैं। जैस्मिन लैम्बोरिया, अरुंधति, साक्षी चौधरी, नरेंद्र बेरवाल, अंकुश पंघल और सचिन ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन, प्रीति पवार, प्रिया घंगस और जादुमणि सिंह भी अंतिम चार में जगह बना चुके हैं। इसके साथ ही बॉक्सिंग में भारत के 10 पदक पक्के हो गए हैं।
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अन्य मुकाबलों में भी अच्छी खबर
एथलेटिक्स (Commonwealth Games 2026) में शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। हालांकि वेटलिफ्टिंग में भारत की संजना पदक जीतने से चूक गईं। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का कुल प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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