सीजी भास्कर, 24 जून। रायगढ़ के एक बड़े इस्पात संयंत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच (Furnace Accident) गया जब उत्पादन क्षेत्र में अचानक धुआं फैलने लगा। घटना के बाद वहां मौजूद मजदूरों के बीच अफरा तफरी की स्थिति बन गई और कुछ ही देर में पूरा क्षेत्र हलचल से भर गया। हादसे की सूचना मिलते ही संयंत्र प्रबंधन और राहत दल सक्रिय हो गए।
घटना में घायल हुए श्रमिकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, हालांकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।
फर्नेस क्षेत्र में हुई घटना Furnace Accident
रायगढ़ जिले के पूंजी पथरा स्थित रायगढ़ इस्पात संयंत्र में यह घटना फर्नेस क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि कार्य के दौरान अचानक गैस बनने लगी, जिसके बाद भारी मात्रा में धुआं फैल गया। धुआं फैलते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और मजदूरों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
नमी के कारण बनी गैस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बरसात के मौसम में फर्नेस में उपयोग किए जाने वाले कच्चे माल में अधिक नमी होने के कारण गैस का निर्माण हुआ। गैस ऊपर की ओर निकलने लगी और इसके साथ धुआं भी फैल गया, जिससे काम कर रहे मजदूरों को स्थिति असामान्य लगी।
घबराहट में लगी चोटें
संयंत्र प्रबंधन के अनुसार यह फर्नेस विस्फोट का मामला नहीं है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि गैस बनने के कारण धुआं फैल गया (Furnace Accident) था। धुएं और अचानक बने माहौल से घबराकर कुछ मजदूरों ने ऊंचाई वाले हिस्सों से इधर उधर जाने की कोशिश की, जिससे उन्हें चोटें आईं।
चार मजदूर घायल
घटना में करीब चार मजदूर घायल हुए हैं। सभी को तत्काल उपचार के लिए अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और सभी चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
तीन की पहचान हुई
घायलों में अमरेश कुमार, फिरोज आलम खान और रामनाथ सूर्यवंशी की पहचान हो चुकी है। रामनाथ सूर्यवंशी जांजगीर चांपा जिले के निवासी बताए गए हैं। एक अन्य घायल की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
दो घायलों को किया जा सकता है रेफर
चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का इलाज (Furnace Accident) जारी है। अस्पताल और प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार बेहतर उपचार की आवश्यकता को देखते हुए दो घायलों को रेफर किए जाने की संभावना है। फिलहाल घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और संयंत्र प्रबंधन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।





