सीजी भास्कर, 20 जुलाई। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे नए दावों और दस्तावेजों को लेकर चर्चा भी तेज होती (Mahadev App) जा रही है। जांच एजेंसियां अब केवल आर्थिक लेनदेन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विदेशों में इस्तेमाल की गई कथित पहचान और दस्तावेजों की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। इस बीच मामले से जुड़े नए खुलासों ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
मामले को लेकर कानूनी और जांच एजेंसियों की गतिविधियां लगातार तेज हैं। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई बिंदुओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अब तक किसी भी नए दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव मानी जा रही है।
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अलग अलग पहचान और पासपोर्ट की हो रही जांच Mahadev App
महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर को लेकर जांच एजेंसियां विदेशों में इस्तेमाल की गई कथित पहचान और अलग अलग पासपोर्ट की जांच कर रही हैं। एजेंसियों के अनुसार मामले से जुड़े कई दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें सामने आ सकें।
अलग नाम और जन्मतिथि वाले दस्तावेज मिलने का दावा
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज सामने आने का दावा किया गया है, जिनमें सौरभ चंद्राकर की तस्वीर के साथ अलग अलग नाम और जन्मतिथि दर्ज है। एक कथित दस्तावेज में अजंता मेंडिस नाम का उपयोग दिखाई देने की बात कही (Mahadev App) जा रही है, जो श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर के नाम से मिलता जुलता है। हालांकि जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूर्व क्रिकेटर का इस मामले से कोई संबंध नहीं है और केवल नाम की समानता सामने आई है।
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विदेश यात्रा और दस्तावेजों की हो रही पड़ताल
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित तौर पर अलग अलग पहचान और दस्तावेजों का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया। यह भी जांच की जा रही है कि इनका संबंध विदेश यात्रा, प्रत्यर्पण प्रक्रिया से बचने या किसी बड़े फर्जी दस्तावेज नेटवर्क से तो नहीं है। बताया जा रहा है कि विदेश में उपयोग किए गए एक अन्य पासपोर्ट में जन्मतिथि भी अलग दर्ज है। इसी आधार पर दस्तावेजों की सत्यता और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
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अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी जांच का फोकस
महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय पहले से धन शोधन सहित कई पहलुओं की जांच (Mahadev App) कर रहा है। सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने की जानकारी भी पहले सामने आ चुकी है। अब जांच एजेंसियों का फोकस कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, विदेशों में इस्तेमाल की गई पहचान और दस्तावेजों पर भी है।
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प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर पड़ सकता है असर
जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो प्रत्यर्पण प्रक्रिया के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत भी नई कानूनी कार्रवाई की संभावना बन सकती है। फिलहाल संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय कर दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
नोट: यह समाचार जांच एजेंसियों के दावों और उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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