सीजी भास्कर, 20 जुलाई। रायगढ़ जिले के कई गांवों में बीती रात उस समय अफरा तफरी मच गई जब जंगल से निकलकर हाथियों का दल खेतों और बस्ती तक पहुंच (Elephant Attack) गया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर चुका था। सुबह होते ही प्रभावित किसान नुकसान का जायजा लेते नजर आए।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू किया। हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग रात के समय सतर्क रहने को मजबूर हैं।

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छह किसानों की धान फसल को हुआ नुकसान Elephant Attack
रायगढ़ जिले में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। बीती रात जंगल से निकलकर हाथियों के दल ने छह किसानों की धान की फसल रौंद दी। इस दौरान एक कच्चे मकान को भी नुकसान पहुंचाया गया। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
अलग अलग गांवों में मचाया उत्पात
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ रेंज के आमगांव बीट के जंगल से दो हाथी निकलकर प्रेमनगर और मेढ़रमार बस्ती पहुंचे। यहां संजीत मंडल और प्राकृष्ण बैन के खेतों में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं कापू रेंज के अलोला गांव में आदिराम, सुखनंदन और बोधराम की फसल भी हाथियों ने रौंद दी। कुमरता गांव में रामसाय सिदार के खेत को भी भारी नुकसान पहुंचा। बाकारूमा रेंज के ससकोबा गांव में नरेंद्र का कच्चा मकान हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
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ग्रामीणों और वन अमले ने किया बचाव Elephant Attack
हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। हालांकि हाथी देर रात तक गांव के आसपास बने रहे और बाद में वापस जंगल की ओर लौट गए। सुबह वन अमले ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का सर्वे शुरू किया।
जिले में 145 हाथियों की निगरानी
वन विभाग के अनुसार इन दिनों रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 145 हाथी अलग अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 99 और रायगढ़ वन मंडल में 46 हाथी शामिल हैं। इन दलों में 46 नर, 71 मादा और 28 शावक हैं। सबसे अधिक हाथी धरमजयगढ़ के गेरसा, बाकारूमा रेंज के ससकोबा बीट, बोरो रेंज के खम्हार उत्तर और रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में मौजूद हैं।
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ड्रोन से रखी जा रही निगरानी
धरमजयगढ़ के डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर (Elephant Attack) रखी जा रही है। उनकी निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। प्रभावित गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। जंगल से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


