सीजी भास्कर, 24 जुलाई : बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) ने छात्रों के विरोध (GGU Re-Exam Cancelled) के बाद BA-LLB छठवें सेमेस्टर की प्रस्तावित री-एग्जाम परीक्षा का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है। 27 जुलाई से होने वाली परीक्षा को लेकर छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोबारा परीक्षा कराने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। विरोध बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिसूचना निरस्त करने का निर्णय लिया।
यह भी पढ़ें : Water Level Update : बारिश से लबालब हुए जलाशय, खूंटाघाट-घोंघा और मनियारी में छलका पानी
पेपर लीक आशंका के बाद रद्द हुई थी परीक्षा
करीब दो महीने पहले गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के परीक्षा पोर्टल में गड़बड़ी और पेपर लीक की आशंका सामने आई थी। इसके बाद मई में आयोजित BA-LLB छठवें सेमेस्टर की परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए 27 जुलाई से (GGU Re-Exam Cancelled) री-एग्जाम का शेड्यूल जारी किया था।
यह भी पढ़ें : Stray Dogs Management : हाईकोर्ट नाराज, आवारा कुत्तों और मवेशियों के प्रबंधन पर मांगी नई रिपोर्ट
छात्रों का कहना था कि दोबारा परीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया है। अचानक परीक्षा कार्यक्रम जारी होने से तैयारी करना मुश्किल है। इसी मांग को लेकर छात्र विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय अधिकारियों से लगातार चर्चा कर रहे थे।
यह भी पढ़ें : Rare White Krait : दुर्ग में मिला दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत, विशेषज्ञों की पुष्टि के बाद जंगल में छोड़ा गया
प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय ने लिया फैसला
मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने चेतावनी दी थी कि यदि री-एग्जाम का नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने (GGU Re-Exam Cancelled) फैसला लेते हुए 27 जुलाई से प्रस्तावित परीक्षा की अधिसूचना रद्द कर दी।
यह भी पढ़ें : Newborn Baby : नाली में मिला नवजात का शव, पूरे गांव में पसरा सन्नाटा, आखिर किसने छीन ली मासूम की सांसें
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग GGU Re-Exam Cancelled
विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द की गई है, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
यह भी पढ़ें : Stray Dogs Management : हाईकोर्ट नाराज, आवारा कुत्तों और मवेशियों के प्रबंधन पर मांगी नई रिपोर्ट
जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। छात्रों का आरोप है कि रिपोर्ट मिलने के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
लॉगिन आईडी से पेपर लीक होने की बात आई सामने
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र और अन्य डेटा लीक किया गया था। कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की अनुशंसा भी की है।
इसके बाद विश्वविद्यालय ने विभागीय जांच समिति गठित की है। इसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा) टीपी सिंह शामिल हैं। मामले में (GGU Re-Exam Cancelled) के बाद अब छात्रों की नजर विश्वविद्यालय की आगे की कार्रवाई पर है।
यह भी पढ़ें : E-Malkhana 2.0 : छत्तीसगढ़ पुलिस की डिजिटल पहल, देवेंद्र नगर थाने में लांच हुआ ई-मालखाना 2.0
पहले हटाए जा चुके हैं लॉ विभाग के अधिकारी
पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी और डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया था। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले में पारदर्शी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
यह भी पढ़ें : Udanti Tiger Reserve : 20 एकड़ वनभूमि पर अवैध खेती का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार



