सीजी भास्कर, 24 जुलाई : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक अत्यंत दुर्लभ (Rare White Krait) श्वेतवर्णी (ल्यूसिस्टिक) करैत सर्प मिलने से वन्यजीव विशेषज्ञों में उत्सुकता बढ़ गई है। चरोदा क्षेत्र के पंचशील नगर में मिले इस दुर्लभ सांप का विशेषज्ञों ने परीक्षण किया, जिसके बाद इसकी पहचान श्वेतवर्णी करैत के रूप में की गई। वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू के बाद इसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया है।
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घर में दिखा सफेद रंग का सांप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
दुर्ग वनमंडल अंतर्गत चरोदा क्षेत्र के पंचशील नगर में 21 जुलाई को एक घर में सफेद रंग का सांप दिखाई देने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और सर्प रेस्क्यूअर विजय शर्मा मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया।
प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह सामान्य करैत नहीं, बल्कि दुर्लभ (White Krait Snake) श्वेतवर्णी करैत है। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा इसकी विस्तृत जांच कराई गई।
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रंगद्रव्य की कमी से होती है ल्यूसिज्म अवस्था
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में रंगद्रव्य (मेलानिन) की कमी के कारण सर्पों में ल्यूसिज्म नामक आनुवंशिक अवस्था उत्पन्न होती है। इसमें सांप का शरीर सामान्य काले-पीले रंग की जगह सफेद या हल्के रंग का दिखाई देता है।
वन विभाग ने बताया कि (Leucistic Krait) ल्यूसिज्म पूर्ण अल्बिनिज्म से अलग स्थिति होती है। श्वेतवर्णी करैत का प्राकृतिक रूप से मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है। दक्षिण एशिया में ऐसे सर्पों के मिलने के मामले बहुत कम दर्ज हुए हैं।

छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार भारत में महाराष्ट्र, ओडिशा और नेपाल जैसे क्षेत्रों से ही इस प्रकार के दुर्लभ करैत के रिकॉर्ड सामने आए हैं। ऐसे में दुर्ग जिले में (Rare Snake Species) श्वेतवर्णी करैत का मिलना छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह घटना क्षेत्र के प्राकृतिक आवासों की बेहतर स्थिति और (Wildlife Conservation) वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का सकारात्मक संकेत भी मानी जा रही है।
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प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा गया करैत Rare White Krait
विशेषज्ञों की पुष्टि के बाद दुर्ग वनमंडलाधिकारी दिपेश कपिल के निर्देश पर 23 जुलाई 2026 को श्वेतवर्णी करैत को उसके प्राकृतिक पर्यावास में छोड़ा गया। इस दौरान दुर्ग रेंज के आरए प्रमोद यादव, सर्प मित्र विजय शर्मा और सर्प विशेषज्ञ अविनाश मौर्या की मौजूदगी में राजनांदगांव वनमंडल के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक आरएफ-549 मनगटा में सर्प को सुरक्षित छोड़ा गया।
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वन विभाग ने की सावधानी बरतने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर या आसपास सांप अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें नुकसान न पहुंचाएं। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यूअर को दें, ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित संरक्षण किया जा सके।
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