सीजी भास्कर, 07 सितम्बर। रायपुर में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन की रकम को लेकर हुए विवाद में ससुर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक मोहन निषाद का अपने बड़े दामाद हेमराज निषाद से जमीन बेचने के बाद मिली रकम को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते हेमराज ने अपने ससुर की हत्या कर दी। (Raipur Land Dispute Murder)
घटना के बाद शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में रखा गया था। आरोपियों की कथित योजना शव को खारुन नदी में फेंकने की थी। लेकिन इससे पहले ही धरसीवां इलाके में गश्त कर रही पुलिस की नजर संदिग्ध वाहन पर पड़ गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद वाहन से शव बरामद हुआ।
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमराज निषाद के अलावा उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को गिरफ्तार किया है।
पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध लगी टाटा मैजिक : Raipur Land Dispute Murder
4 सितंबर की रात करीब 1:15 बजे धरसीवां पुलिस की टीम परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक टाटा मैजिक वाहन आता दिखाई दिया।
पुलिस ने वाहन को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय पीछे लेना शुरू कर दिया। इससे पुलिस को शक हुआ। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह रावाभाठा का रहने वाला है और वाहन बुकिंग में चल रहा है।
इसी दौरान दो युवक बाइक से वहां पहुंचे और कुछ देर बाद आगे निकल गए। पुलिस को वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पेट्रोलिंग टीम ने आगे रास्ता रोकने की कोशिश की।
पुलिस को देखकर वाहन लेकर भागे
पुलिस के मुताबिक, रास्ता रोके जाने की कोशिश के बाद चालक ने टाटा मैजिक को परसतराई बस्ती की ओर तेज गति से दौड़ा दिया। पुलिस ने वाहन का पीछा किया।
कुछ दूरी पर शीतला मंदिर के पास चालक ने वाहन रोक दिया। इसके बाद वाहन में मौजूद दोनों लोग अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की तरफ भाग गए। पुलिस ने उनकी तलाश की, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।
इसके बाद पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली। वाहन के अंदर चादर में लिपटा हुआ एक व्यक्ति मिला। जांच में उसकी पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई।

जमीन की रकम से जुड़ा विवाद आया सामने : Raipur Land Dispute Murder
शव मिलने के बाद पुलिस ने मृतक के परिवार और परिचितों से पूछताछ शुरू की। जांच में सामने आया कि मोहन निषाद ने हाल ही में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन बेची थी।
पुलिस के अनुसार, जमीन की बिक्री से मिली रकम को लेकर मोहन और उसके बड़े दामाद हेमराज निषाद के बीच विवाद चल रहा था। इससे पहले भी दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई।
पार्टी के दौरान फिर हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर की रात मोहन ने अपने दामाद हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था। इसी दौरान दोनों के बीच जमीन की रकम को लेकर फिर विवाद हुआ।
आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद हेमराज ने जीआई तार का इस्तेमाल कर मोहन की हत्या कर दी। इसके बाद हेमराज ने अपने चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद की मदद ली।
तीनों ने शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा और उसे खारुन नदी की ओर ले जाने की तैयारी की।
पुलिस की सतर्कता से सामने आया मामला : Raipur Land Dispute Murder
आरोपियों की योजना पूरी होने से पहले ही धरसीवां पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने संदिग्ध वाहन को देख लिया। पुलिस की पूछताछ और कार्रवाई के बाद वाहन से शव बरामद होने पर पूरा मामला सामने आया।
पुलिस ने वाहन पर दर्ज मोबाइल नंबर की जांच की, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिप गए थे। पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, हत्या की मूल घटना (Raipur Land Dispute Murder) उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के हवाले कर दिया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जमीन की रकम को लेकर हुए विवाद, हत्या की पूरी परिस्थितियों और शव को ठिकाने लगाने की कथित योजना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।



