सीजी भास्कर, 31 अगस्त। नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बीच एक हरे रंग का घर सुरक्षित बचने का मामला चर्चा में है। बाढ़ के तेज बहाव में आसपास की कई इमारतें ढह गईं, लेकिन यह घर मजबूती से खड़ा रहा। घर में मौजूद परिवार भी सुरक्षित बच गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर इतनी तेज बाढ़ और मलबे के बीच यह घर कैसे बच गया। (Nepal Flood Green House)
विशेषज्ञों के अनुसार, घर के सुरक्षित रहने के पीछे सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि उसकी मजबूत संरचना और भौगोलिक स्थिति ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मजबूत आरसीसी ढांचे ने संभाला दबाव : Nepal Flood Green House
नेपाल की हिमालयी घाटियों में कई घर पत्थरों की चिनाई से बने होते हैं। ऐसे मकान सामान्य परिस्थितियों में वजन संभाल सकते हैं, लेकिन तेज पानी और मलबे के साइड से आने वाले दबाव के सामने कमजोर पड़ सकते हैं।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घर मजबूत रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट फ्रेम से बना था। इसके कॉलम, बीम और नींव स्टील की सरियों से आपस में जुड़े हुए थे। इस वजह से पूरा ढांचा एक मजबूत यूनिट की तरह काम कर रहा था। बाढ़ के पानी, कीचड़ और मलबे के दबाव के दौरान इस संरचना ने बाहरी ताकत को संभालते हुए उसे नींव तक पहुंचाया।
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ऊंची और सुरक्षित जगह पर बना था घर
घर के बचने में उसकी लोकेशन की भी अहम भूमिका रही। यह घर बाढ़ और मलबे की मुख्य धारा के ठीक बीच में नहीं था, बल्कि कुछ ऊंची जमीन पर स्थित था। तेज बहाव का एक बड़ा हिस्सा घर के बगल से होकर गुजर गया।
घर के आसपास मौजूद पेड़ों और पास की संरचनाओं ने भी पानी के सीधे प्रभाव को कुछ हद तक कम किया। इसके अलावा घर का आकार अपेक्षाकृत छोटा और कॉम्पैक्ट था, जिसके कारण पानी और मलबा सीधे पूरी दीवार से टकराने के बजाय दोनों तरफ से निकल गया।
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बाढ़ के बाद जमा मलबे ने भी बदली पानी की दिशा : Nepal Flood Green House
बाढ़ के बाद घर के आसपास जमा हुआ कीचड़ और मलबा एक तरह के प्राकृतिक ढलान में बदल गया। इससे बाद में आने वाला पानी घर से दूर दूसरी दिशा में मुड़ने लगा। इस तरह शुरुआती तेज बहाव का दबाव झेलने के बाद घर को आगे आने वाली धाराओं से भी कुछ सुरक्षा मिली।
नेपाल में आई इस फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। ऐसे में यह घटना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत निर्माण, उचित डिजाइन और सुरक्षित स्थान के चयन के महत्व को भी सामने लाती है।
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