सीजी भास्कर, 25 जुलाई । CGPSC Scam में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को गिरफ्तार (CGPSC Scam) कर लिया है। सीबीआई की जांच के बाद अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की जांच तेज कर दी है। एजेंसी आज टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच की जा सके।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भर्ती घोटाले में यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। ईडी का फोकस अब उन पैसों के स्रोत और इस्तेमाल पर है, जिनके जरिए कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

ईडी ने क्यों की गिरफ्तारी
ईडी ने सीबीआई की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर टामन सोनवानी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच की जा रही है। रिमांड मिलने के बाद उनसे पूछताछ कर अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जाएगी।
दो साल पहले CBI ने भी किया था गिरफ्तार CGPSC Scam
इससे पहले करीब दो साल पहले सीबीआई ने भी टामन सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उस दौरान बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी हिरासत में लिया गया था। सीबीआई की जांच में भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे।
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क्या हैं CGPSC घोटाले के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अवैध लेनदेन किया गया। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई अहम पदों पर चयन कराने के लिए पैसों का लेनदेन हुआ और इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी शुरू की गई।
अब आगे क्या होगा
ईडी विशेष अदालत से टामन सोनवानी की रिमांड मांगेगी। पूछताछ के दौरान एजेंसी भर्ती प्रक्रिया, कथित आर्थिक लेनदेन और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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