सीजी भास्कर, 26 जुलाई : छत्तीसगढ़ में वाहनों के लिए वीआईपी और फैंसी नंबरों (Fancy Number) का आकर्षण अब धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है। रायपुर समेत प्रदेशभर में वाहन मालिक अब लाखों रुपये खर्च कर वीआईपी नंबर खरीदने की बजाय 5 हजार रुपये शुल्क वाले पसंदीदा (च्वाइस) नंबर लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार-पांच वर्षों में एक भी वीआईपी नंबर एक लाख रुपये से अधिक में नहीं बिका, जबकि च्वाइस नंबरों की मांग लगातार बढ़ रही है।
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2026 में सिर्फ दो 0001 नंबर ही बिके
परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक केवल दो 0001 नंबर ही 1.01 लाख रुपये में बिके हैं। इसके अलावा 4444, 7000 और 7777 जैसे नंबर 50-50 हजार रुपये में, जबकि 7007, 0077 और 0999 जैसे नंबर 30-30 हजार रुपये में खरीदे गए हैं। वहीं सबसे अधिक बिक्री 5 हजार रुपये शुल्क वाले पसंदीदा नंबरों की दर्ज की गई है।

जन्मतिथि और एनिवर्सरी वाले नंबर बन रहे पहली पसंद
अधिकारियों के मुताबिक लोगों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है। अब वाहन मालिक अपनी जन्मतिथि, शादी की सालगिरह या परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण अंकों वाले नंबर लेना पसंद कर रहे हैं। ऐसे नंबर भले ही पारंपरिक रूप से फैंसी नहीं माने जाते हों, लेकिन व्यक्तिगत महत्व के कारण इनकी मांग तेजी से बढ़ी है।
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का भी पड़ा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लागू होने के बाद फैंसी नंबरों का आकर्षण भी कम हुआ है। अब नंबर प्लेट पर किसी प्रकार का डिजाइन या बदलाव संभव नहीं है। नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान और जुर्माने की कार्रवाई होने से भी लोग महंगे वीआईपी नंबरों पर अधिक खर्च करने से बच रहे हैं।
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दूसरे राज्यों में अब भी लाखों की बोली
जहां छत्तीसगढ़ में वीआईपी नंबरों की मांग घटी है, वहीं देश के कई राज्यों में इनका क्रेज अभी भी बरकरार है। हाल ही में चंडीगढ़ में 0001 नंबर 53.88 लाख रुपये में नीलाम हुआ। वहीं मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी 0001 जैसे वीआईपी नंबरों के लिए लाखों रुपये की बोली लगाई जाती है।
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5 हजार वाले नंबरों से बढ़ रहा राजस्व
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में विभाग को सबसे अधिक राजस्व 5 हजार रुपये वाले पसंदीदा नंबरों की बुकिंग से मिल रहा है। कम खर्च में अपनी पसंद का नंबर मिलने के कारण वाहन मालिक भी अब इसी विकल्प को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
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