सीजी भास्कर, 30 जुलाई : बस्तर संभाग में मानसून (Monsoon in Bastar) ने रफ्तार पकड़ ली है। सावन की शुरुआत से पहले हुई लगातार बारिश ने पूरे क्षेत्र का मौसम बदल दिया है। बीते नौ घंटों में 70.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे खेतों में पानी भर गया और धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया। दूसरी ओर, विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का जलस्तर बढ़ने से इसकी खूबसूरती भी निखर गई है और बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
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किसानों को मिली बड़ी राहत
लगातार बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई का काम तेज गति से शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। कई इलाकों में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने राहत की सांस ली है।
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चित्रकोट जलप्रपात का बदला नजारा
बारिश का सबसे अधिक असर चित्रकोट जलप्रपात (Monsoon in Bastar) पर दिखाई दे रहा है। इंद्रावती नदी का जलप्रवाह बढ़ने से जलप्रपात पूरे वेग से बह रहा है। तेज बहते पानी और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए आसपास के जिलों सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
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अगले 72 घंटे तक बारिश के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार बस्तर संभाग में अगले 72 घंटे तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। गुरुवार को बारिश की तीव्रता कुछ कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण फिर अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
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जनजीवन और मौसम दोनों बदले
मंगलवार से शुरू हुई बारिश बुधवार देर शाम तक जारी रही, जिससे पूरे बस्तर क्षेत्र में मौसम सुहावना हो गया। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और उमस से लोगों को राहत मिली। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश बेहद लाभदायक मानी जा रही है। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
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