सीजी भास्कर, 30 जुलाई। बीजापुर जिले में लगातार हुई भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात (Bijapur Flood ) बने हुए हैं। कई नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगहों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। ऐसे में प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। गंगालूर क्षेत्र में चेरपाल नाले पर पानी का बहाव बाधित होने पर तहसीलदार खुद मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
तहसीलदार ने केवल हालात का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि कर्मचारियों के साथ मिलकर ह्यूम पाइपों में फंसी लकड़ियां और मलबा हटाकर पानी की निकासी सुचारु कराने का प्रयास किया। उनकी इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

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चेरपाल नाले में मलबा फंसने से बढ़ी परेशानी Bijapur Flood
लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद चेरपाल नाले के ह्यूम पाइपों में लकड़ियां और अन्य मलबा फंस गया था। इससे पानी का बहाव रुक गया और रपटा के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
तहसीलदार ने खुद संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गंगालूर तहसीलदार भोज कुमार डहेरिया राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर पाइपों में फंसे कचरे, लकड़ियों और मलबे को हटाया, जिससे पानी की निकासी का काम तेजी से शुरू हो सका।
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जिले में अब तक 636.3 मिमी औसत बारिश Bijapur Flood
कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार, 1 जून से अब तक जिले में औसतन 636.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
बारिश का क्षेत्रवार आंकड़ा इस प्रकार है।
बीजापुर – 803.1 मिमी
भैरमगढ़ – 773.4 मिमी
कुटरू – 747.9 मिमी
गंगालूर – 582.3 मिमी
भोपालपटनम – 527.6 मिमी
उसूर – 383.6 मिमी
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राहत और बचाव कार्य जारी
लगातार बारिश के चलते जिले के कई नदी-नाले उफान (Bijapur Flood) पर हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे हुए है।



