सीजी भास्कर, 10 अगस्त : तिल्दा क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरी में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना (Fake NOC Controversy) को लेकर कथित फर्जी NOC जारी किए जाने का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए पंचायत भवन में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मेसर्स अग्रसेन स्टील्स को ग्राम पंचायत की ओर से कथित तौर पर फर्जी तरीके से NOC जारी की गई, जबकि इसके लिए पंचायत स्तर पर प्रस्ताव और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी था। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पंचायत के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
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पंचायत रजिस्टर को लेकर उठे सवाल
तिल्दा के ग्राम पंचायत देवरी (Fake NOC Controversy) में ग्रामीणों के अनुसार, किसी भी औद्योगिक परियोजना के लिए ग्राम पंचायत की सहमति या NOC जारी करने से पहले संबंधित प्रस्ताव को पंचायत के रिकॉर्ड और रजिस्टर में दर्ज किया जाना आवश्यक है। ग्रामीणों का दावा है कि जब उन्होंने पंचायत से संबंधित रजिस्टर दिखाने की मांग की, तो सरपंच-सचिव की ओर से बताया गया कि रजिस्टर को किसी अज्ञात व्यक्ति ने फाड़ दिया है। यही दावा अब पूरे विवाद का अहम हिस्सा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के महत्वपूर्ण दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ हुई है तो इसकी तत्काल पुलिस शिकायत होनी चाहिए थी।
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‘अगर किसी ने रजिस्टर फाड़ा है तो FIR क्यों नहीं?’
ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वास्तव में किसी अज्ञात व्यक्ति ने पंचायत का महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़ा है, तो जिम्मेदार पदाधिकारियों ने अब तक थाने में शिकायत दर्ज कराकर FIR क्यों नहीं कराई? ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत रजिस्टर में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव (Fake NOC Controversy) और महत्वपूर्ण निर्णय दर्ज होते हैं। ऐसे में रजिस्टर के फाड़े जाने या उसके रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होना संदेह पैदा करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं होने के कारण विवाद और गहरा रहा है। उन्होंने पंचायत विभाग के आला अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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अल्दा मामले के बाद देवरी में फिर बढ़ा विवाद
तिल्दा क्षेत्र के अल्दा-देवरी इलाके में औद्योगिक परियोजनाओं और कथित फर्जी NOC को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। ग्रामीणों ने प्रस्तावित उद्योगों का विरोध करते हुए आंदोलन और प्रदर्शन किए थे।
इसी मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 22 जून 2026 को तिल्दा थाना घेराव किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उस दौरान कथित फर्जी NOC और संबंधित मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। इसके बाद पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज होने की बात भी सामने आई थी। अब देवरी पंचायत में मेसर्स अग्रसेन स्टील्स को कथित फर्जी NOC जारी किए जाने और पंचायत रजिस्टर फाड़े जाने के आरोप ने पुराने विवाद को फिर हवा दे दी है।
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तालाबंदी के बाद प्रशासन पर बढ़ा दबाव
ग्रामीणों ने पंचायत भवन में ताला लगाकर स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और पंचायत के रिकॉर्ड तथा कथित NOC की जांच नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने पंचायत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि NOC किस आधार पर जारी की गई, पंचायत में इसका प्रस्ताव कब पारित हुआ और रजिस्टर में इसकी एंट्री क्यों नहीं है, इसकी जांच की जाए।
साथ ही ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि वास्तव में पंचायत का रजिस्टर फाड़ा गया है तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ FIR क्यों नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है।
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इन सवालों के जवाब का इंतजार
फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब प्रशासन और पंचायत विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजर है। मुख्य सवाल यह हैं कि NOC जारी करने से पहले पंचायत में प्रस्ताव हुआ था या नहीं? प्रस्ताव पंचायत रजिस्टर में दर्ज है या नहीं? अगर रजिस्टर फाड़ा गया तो FIR क्यों नहीं हुई? कथित NOC की जांच कब होगी और जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी?
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