सीजी भास्कर, 25 सितंबर। अल्दा-देवरी क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों और कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर तेज (NOC Dispute) हो गया। 24 सितंबर को भारी बारिश के बावजूद 500 से ज्यादा ग्रामीण तिल्दा एसडीएम कार्यालय पहुंचे और घेराव कर अपनी मांगें रखीं।
प्रदर्शन में किसान, महिलाएं, बच्चे और प्रभावित परिवार शामिल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायत और आंदोलन के बावजूद कथित फर्जी एनओसी, ग्रामसभा के रिकॉर्ड और संबंधित मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

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कथित फर्जी एनओसी की जांच की मांग NOC Dispute
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित ग्राम पंचायतों में वास्तविक सहमति के बिना प्लांट और फैक्ट्री के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने बालाजी स्टील से जुड़े एनओसी विवाद की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने ग्रामसभा प्रस्ताव, पंचायत दस्तावेज और एनओसी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग रखी। देवरी ग्राम पंचायत के ग्रामसभा प्रस्ताव रजिस्टर को लेकर भी शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कार्रवाई में देरी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कई शिकायतों और आंदोलनों के बाद भी कार्रवाई आगे (NOC Dispute) नहीं बढ़ी। उनके मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में तिल्दा थाना घेराव भी किया गया था। उस दौरान देवरी मामले में 10 दिन के भीतर एफआईआर और कार्रवाई का आश्वासन मिलने का ग्रामीणों ने दावा किया।
अल्दा मामले को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों के अनुसार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के करीब 90 दिन बाद भी आगे की कार्रवाई नहीं हुई है।
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बारिश में भी नहीं रुके ग्रामीण
24 सितंबर को खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कथित फर्जी एनओसी की जांच, ग्रामसभा और पंचायत रिकॉर्ड की पड़ताल, शिकायतों पर एफआईआर और दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
घेराव के दौरान कांग्रेस के पूर्व छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी और तुकाराम चंद्रवंशी सहित अन्य लोग भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे।
10 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर खत्म हुआ घेराव
प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को 10 दिनों के भीतर अल्दा-देवरी मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घेराव समाप्त किया।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर से दिए गए 10 दिन के आश्वासन और मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर है।
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रिपोर्टर – ऐश कुमार साहू


