सीजी भास्कर, 23 अगस्त : ब्लू वाटर खदान (Blue Water) में दोस्तों के साथ तैरने की शर्त लगाना 24 वर्षीय आदिल खान को भारी पड़ गया। करीब 400 फीट गहरी खदान में डूबे आदिल का शव 72 घंटे बाद शनिवार को बरामद किया गया। हादसे के बाद एसडीआरएफ की टीम ने लगातार तीन दिन तक पानी के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाया।
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तैरने की शर्त के दौरान हुआ हादसा
बुधवार शाम आदिल अपने तीन दोस्तों के साथ घूमने के लिए माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर खदान पहुंचा था। इसी दौरान आदिल और उसके साथी तौफीक के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। दोनों पानी में उतर गए। तौफीक आगे बढ़ रहा था, जबकि आदिल वापस आने लगा। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया।
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बचाने की कोशिश भी नहीं आई काम
आदिल को गहराई में जाता देखकर तौफीक उसे बचाने के लिए वापस आया, लेकिन तब तक आदिल पानी में डूब चुका था। हादसे की सूचना दोस्तों ने माना पुलिस को दी। घटना से जुड़ा एक वीडियो फुटेज भी इंटरनेट मीडिया पर सामने आया है। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने आदिल की तलाश शुरू की।
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अंधेरा होने से रात में नहीं हो सका रेस्क्यू
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू टीम को सूचना दी। घटना शाम के समय होने के कारण अंधेरा हो गया था। खदान की करीब 400 फीट गहराई को देखते हुए रात में पानी के भीतर तलाश शुरू नहीं की जा सकी। अगले दिन एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
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गहराई के कारण टीम को हुई परेशानी
एसडीआरएफ के जवानों ने पानी के भीतर अलग-अलग हिस्सों में लगातार तीन दिन तक आदिल की तलाश की। ब्लू वाटर खदान (Blue Water) की अत्यधिक गहराई और पानी के अंदर की भौगोलिक स्थिति के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब 72 घंटे तक चले अभियान के बाद शनिवार को आदिल का शव पानी से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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2017 से अब तक 10 लोगों की मौत
ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो चुकी थी। आदिल की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 10 हो गया है। लगातार हादसों के बावजूद लोग यहां घूमने और पानी में उतरने पहुंचते हैं। खदान की अत्यधिक गहराई को देखते हुए यहां पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा है।
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