सीजी भास्कर, 23 अगस्त : राजधानी रायपुर में भव्य कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं भी दीं।
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मारुति मंगलम से रवाना हुए हजारों कांवड़िए
रायपुर के गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। यहां हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
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भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संगम है कांवड़ यात्रा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त कठिन यात्रा के बावजूद उत्साह और श्रद्धा के साथ पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है। ऐसे आयोजनों में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग एक साथ जुड़ते हैं और आपसी सद्भाव एवं समरसता की भावना मजबूत होती है।
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भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर का विशेष महत्व
मुख्यमंत्री ने महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं।
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नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ती हैं धार्मिक यात्राएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति के साथ-साथ इसकी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की खास पहचान है।
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धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम कर रही है। इससे धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
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भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ता रहे।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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