सीजी भास्कर, 25 अगस्त : देश में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए आदेश के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को रिफाइंड करने के बाद दो महीने के भीतर बाजार में बेचना होगा। सरकार के इस फैसले से चीनी आयात नियम (Sugar Import New Rule) के तहत आयातित चीनी की बिक्री को लेकर नई समयसीमा तय हो गई है।

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कच्ची चीनी को 2 महीने में बेचना होगा Sugar Import New Rule
सरकार के आदेश के अनुसार, टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को रिफाइन करने के बाद निर्धारित तारीख से दो महीने के भीतर बाजार में बेचना अनिवार्य होगा। इससे पहले सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की थी।
बताया गया है कि केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन (MT) कच्ची चीनी के TRQ के तहत आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। चीनी आयात नियम (Sugar Import New Rule) में किए गए इस बदलाव का उद्देश्य आयातित चीनी को बाजार में समय पर उपलब्ध कराना है।
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एक महीने में 7.52 रुपये प्रति किलो बढ़े चीनी के दाम
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 20 जुलाई को चीनी का खुदरा मूल्य 48.18 रुपये प्रति किलो था। अगस्त में यह बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो पहुंच गया।
इस तरह करीब एक महीने में चीनी की कीमत में 7.52 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। यानी चीनी के दाम में करीब 15.6 प्रतिशत का उछाल आया है। कीमतों में इस तेजी का असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर भी पड़ रहा है।
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देश में कितना है चीनी का स्टॉक
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार की ओर से उपलब्ध स्टॉक पर भी नजर रखी जा रही है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चीनी उत्पादन में कमी को लेकर चिंता जताई है।
उनके अनुसार गन्ने की फसल पर अल नीनो की परिस्थितियों का असर पड़ा है। इसके चलते भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में कृषि उत्पादन और खासकर चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक देश में चीनी की सालाना जरूरत करीब 280 लाख टन है। वहीं भारत के पास फिलहाल 20 से 25 लाख टन से अधिक अतिरिक्त चीनी का स्टॉक मौजूद है।
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कीमतों पर नियंत्रण के लिए बदले नियम
चीनी की कीमतों में लगातार तेजी के बीच सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयातित कच्ची चीनी को रिफाइन करने के बाद तय समय में बाजार में बेचने की अनिवार्यता से घरेलू बाजार में आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
सरकार का फोकस चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों में अनावश्यक तेजी को नियंत्रित करने पर है। चीनी आयात नियम (Sugar Import New Rule) में बदलाव के बाद आयातित कच्ची चीनी को लंबे समय तक स्टॉक करके रखने की गुंजाइश कम होगी।
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उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद
चीनी की खुदरा कीमतों में करीब 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद सरकार के नए कदम से बाजार में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। आयातित कच्ची चीनी को समय पर रिफाइन कर बाजार में उतारने से उपलब्धता बेहतर हो सकती है।
हालांकि, कीमतों में राहत कितनी मिलेगी, यह घरेलू उत्पादन, बाजार की मांग और आयातित चीनी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। फिलहाल चीनी आयात नियम (Sugar Import New Rule) में बदलाव के जरिए सरकार ने चीनी की आपूर्ति और कीमतों पर नियंत्रण की दिशा में कदम बढ़ाया है।
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