सीजी भास्कर, 31 अगस्त। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया बढ़कर 3035.37 करोड़ रुपए पहुंच (Chhattisgarh Electricity Bill) गया है। जून 2026 तक 1,57,341 सरकारी कनेक्शनों पर यह राशि बकाया है। अब प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के साथ पुराने बकाये की वसूली भी तेज कर दी गई है।

नगरीय निकायों पर सबसे ज्यादा बकाया Chhattisgarh Electricity Bill
कुल बकाये में करीब 85 प्रतिशत राशि नगरीय प्रशासन एवं विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की है। नगरीय प्रशासन से जुड़े 19,060 कनेक्शनों पर 1525.18 करोड़ और पंचायत विभाग के 57,075 कनेक्शनों पर 1057.56 करोड़ रुपए बकाया हैं।
स्ट्रीट लाइट, पानी की टंकियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के कनेक्शनों पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। बिलासपुर नगर निगम के कुछ कनेक्शन काटे गए हैं।
यह भी पढ़ें : Naxalites Sukma : नक्सल डंप से 2 टिफिन बम समेत विस्फोटक बरामद
सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था
1 अगस्त 2026 से ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश में करीब 65 लाख बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
नगरीय निकायों को पुराने बकाये का भुगतान चार समान किस्तों में करने और प्रीपेड मीटर का नियमित रिचार्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें : Shree Cement Project : श्री सीमेंट परियोजना के विरोध में किसान नेता को धमकी, परिवार समेत जान से मारने की चेतावनी
बिल नहीं चुकाया तो कटेगा कनेक्शन
बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 56 और छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड के तहत कार्रवाई हो सकती है। निर्धारित प्रक्रिया के बाद 15 दिन का नोटिस देकर कनेक्शन अस्थायी रूप से काटा जा सकता है।
यह भी पढ़ें : Anganwadi Pre School Kit : बजट के इंतजार में अटकी आंगनबाड़ी किट की खरीदी, 10 लाख बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
कोंडागांव में 39 सरकारी कनेक्शन कटे
कोंडागांव जिले में सरकारी विभागों पर करीब 7.33 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। इसमें कोंडागांव नगरपालिका का करीब 5.2 करोड़ रुपए बकाया बताया गया है। भुगतान नहीं होने पर अब तक 39 सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के कनेक्शन काटे गए हैं।
हालांकि आम लोगों की सुविधा को देखते हुए पानी सप्लाई करने वाले पंप हाउस और स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन फिलहाल चालू रखे गए हैं।



