सीजी भास्कर, 03 सितंबर : जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड में कथित गड़बड़ी और कमीशनखोरी (DMF Scam) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सतपाल सिंह चाबड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। ईडी का दावा है कि डीएमएफ से जुड़े सप्लाई कार्यों में कमीशन के जरिए चाबड़ा को करीब 31 करोड़ रुपये मिले।
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ईडी ने बताया मुख्य लाइजनर
मामला रायपुर से जुड़ा है। ईडी के अनुसार सतपाल सिंह चाबड़ा कथित डीएमएफ सिंडिकेट का मुख्य लाइजनर और वित्तीय समन्वयक था। एजेंसी का आरोप है कि वह सप्लाई आधारित डीएमएफ कार्यों की पहचान से लेकर वेंडरों के बीच काम बांटने तक में भूमिका निभाता था।
आरोप है कि चाबड़ा वर्क ऑर्डर जारी कराने और भुगतान करवाने की प्रक्रिया में भी सक्रिय था। कमीशन वसूली (DMF Scam) के बाद सिंडिकेट के सदस्यों के बीच रकम के बंटवारे में भी उसकी भूमिका होने का दावा किया गया है।
वेंडरों से 25 से 50 फीसदी तक कमीशन का दावा
ईडी के मुताबिक डीएमएफ से जुड़े कई सप्लाई कार्यों में रेट कांट्रेक्ट होल्डर संस्थाओं के पक्ष में खरीद आदेश जारी किए गए। एजेंसी का दावा है कि इन आदेशों की बेस वैल्यू पर एजेंट और लाइजनर 25 से 50 प्रतिशत तक कमीशन वसूलते थे।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कमीशन की रकम का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया जाता था। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।
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डीएमएफ में आए 9,188 करोड़ रुपये
ईडी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों को डीएमएफ ट्रस्ट के तहत करीब 9,188.20 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
एजेंसी का आरोप है कि इस राशि के एक हिस्से का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों से अलग सप्लाई कार्यों में किया गया। ऐसे कार्यों में कीमत बढ़ाने और कमीशन निकालने की गुंजाइश होने का दावा किया गया है। डीएमएफ राशि (DMF Scam) के कथित दुरुपयोग को लेकर ईडी वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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बीज निगम के जरिए रकम रूट करने का आरोप
ईडी का दावा है कि डीएमएफ की बड़ी रकम राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के माध्यम से रूट की गई। एजेंसी के अनुसार रेट कांट्रेक्ट वाली संस्थाओं के पक्ष में खरीद आदेश जारी किए गए और इसी प्रक्रिया में कथित कमीशन नेटवर्क काम करता था। जांच में सामने आए लेन-देन (DMF Scam) के आधार पर ईडी अब वेंडरों, अधिकारियों और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है।
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बैंक खातों से 31 करोड़ की कड़ी
ईडी के अनुसार बैंक खातों के विश्लेषण और सतपाल चाबड़ा से पूछताछ में करीब 31 करोड़ रुपये की कथित कमीशन राशि का पता चला है। एजेंसी का दावा है कि यह रकम उसके परिवार के सदस्यों, एचयूएफ और उसके नियंत्रण वाली संस्थाओं के खातों में भी पहुंची।
इस मामले में सितंबर 2025 में ईडी ने कई ठिकानों पर तलाशी भी ली थी। अब चाबड़ा से वेंडरों, अधिकारियों, भुगतान प्रक्रिया और कथित कमीशन नेटवर्क (DMF Scam) से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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