सीजी भास्कर, 6 सितंबर : निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन में नाबालिगों से मजदूरी (Child Labour Rescue) कराए जाने का मामला सामने आया है। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 नाबालिग बालिकाओं को रेस्क्यू किया। शनिवार देर शाम मुखबिर से सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस बल, श्रम विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टास्क फोर्स ने अचानक छापा मारा।
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निर्माण स्थल पर जोखिम भरा काम करती मिलीं नाबालिग
जगदलपुर में सिटी ग्राउंड के सामने स्थित निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन में टीम पहुंची। जांच के दौरान 8 नाबालिग बालिकाएं जोखिम भरे निर्माण कार्य में मजदूरी करती मिलीं। शुरुआती जांच में सभी बालिकाओं के बस्तर जिले की रहने वाली होने की जानकारी सामने आई है। नाबालिगों से मजदूरी (Child Labour Rescue) कराए जाने की पुष्टि के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बालिकाओं को काम से अलग कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
मानव तस्करी निरोधक इकाई ने संभाली कार्रवाई
अभियान का नेतृत्व मानव तस्करी निरोधक इकाई के जिला नोडल अधिकारी और उप पुलिस अधीक्षक ने किया। टीम ने निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों और अन्य लोगों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान नाबालिग बालिकाओं के निर्माण कार्य में लगे होने की पुष्टि हुई।
निर्माणाधीन भवन में काम का स्वरूप जोखिम भरा होने के कारण मामले को गंभीरता से लिया गया। नाबालिगों को तत्काल कार्यस्थल से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इस कार्रवाई को बाल श्रम (Child Labour Rescue) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है।
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चाइल्ड लाइन के सुपुर्द की गईं 8 बालिकाएं
टास्क फोर्स ने सभी 8 बालिकाओं को कार्यस्थल से मुक्त कराने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत चाइल्ड लाइन के समक्ष प्रस्तुत किया। अब उनके संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासन की ओर से बालिकाओं की स्थिति और उनसे जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। कार्रवाई का उद्देश्य नाबालिगों को जोखिमपूर्ण काम से बाहर निकालकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
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ठेकेदार और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की तैयारी
निर्माण स्थल पर नाबालिगों से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आने के बाद संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ बाल श्रम निषेध कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा है कि बच्चों को मजदूरी जैसे कार्यों में लगाने की शिकायतों पर निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जगदलपुर में सामने आए इस मामले में बाल श्रम (Child Labour Rescue) को रोकने के लिए संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद जिम्मेदार लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।




