सीजी भास्कर, 8 सितंबर : छत्तीसगढ़ के कोरबा में मोबाइल पर रील और सीरियल (Korba Suicide Case) देखने के दौरान हुई एक घटना के बाद 52 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने कीटनाशक का सेवन किया था। गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी।
यह भी पढ़ें…Mirzapur The Movie : तीसरे दिन 36 करोड़ की कमाई, 100 करोड़ क्लब से बस इतना दूर मिर्जापुर
नेटवर्क गया तो महिला ने तोड़ा मोबाइल
मामला करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव का है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर मंगलो बाई खाना खाते समय मोबाइल पर रील देख रही थीं। इसी दौरान मोबाइल का नेटवर्क चला गया। काफी देर तक नेटवर्क नहीं आने से वह परेशान हो गईं और गुस्से में मोबाइल तोड़ दिया।
इसके बाद मंगलो बाई अपने कमरे में चली गईं। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को इसकी जानकारी हुई। कमरे में कीटनाशक का खाली डिब्बा मिलने के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।
यह भी पढ़ें…Durg Employee Threat FIR : केबल कर्मचारी से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी, दो लोगों पर FIR
करतला से कोरबा मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
महिला को सबसे पहले करतला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए कोरबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया।
हालांकि रविवार को उपचार के दौरान मंगलो बाई की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
रील और सीरियल देखने की थी आदत
परिजनों के अनुसार, मंगलो बाई को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी। घटना वाले दिन भी वह खाना खाते समय मोबाइल पर रील देख रही थीं। नेटवर्क जाने के बाद उन्होंने मोबाइल तोड़ दिया और कमरे में चली गईं।
इसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और कमरे में कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आत्महत्या मामले (Korba Suicide Case) के रूप में सामने आई इस घटना में पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और महिला के व्यवहार से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।
यह भी पढ़ें…Chhattisgarh Mausam : दो दिन बाद बढ़ेगी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट
आठ महीने में आत्महत्या से जुड़े 57 मौतों की जानकारी
इस घटना के बीच कोरबा मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक आंकड़ा भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा बेहद गंभीर है और ऐसे मामलों में समय पर मदद की जरूरत को सामने लाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार में किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक तनाव या लगातार चिड़चिड़ापन दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे समय में परिवार के लोगों को व्यक्ति से बातचीत करनी चाहिए और उसकी परेशानी समझने की कोशिश करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें…Cattle Transport Case : भिलाई से महाराष्ट्र जा रही भैंसें पकड़ी गईं, एक आरोपी गिरफ्तार
समय पर बातचीत और मदद बेहद जरूरी
कीटनाशक सेवन मामले (Korba Suicide Case) में सामने आई इस घटना के बाद विशेषज्ञों की सलाह है कि मानसिक तनाव या परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। परिवार के सदस्यों को उसके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेनी चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने की बात करे या ऐसा कोई संकेत दे, तो उसे गंभीरता से लेना जरूरी है। तत्काल परिवार के भरोसेमंद व्यक्ति, चिकित्सक या स्थानीय आपातकालीन सेवा से संपर्क किया जाना चाहिए। समय पर सहायता मिलने से संकट की स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
पुलिस जांच में सामने आएगी घटना की पूरी वजह
कोरबा में सामने आए महिला मौत मामले (Korba Suicide Case) की पुलिस जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने किन परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन किया। फिलहाल घटना को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
परिजनों के बयानों और घटनास्थल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और परिवार के सदस्यों के बीच समय पर बातचीत की जरूरत को सामने ला दिया है।
खबरें और भी हैं : Dhamdha Cattle Smuggling : धमधा में मवेशियों से भरा वाहन पकड़ा, तिरपाल से ढककर ले जा रहे थे 15 पशु, दो आरोपी गिरफ्तार




