सीजी भास्कर, 08 सितम्बर। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर आगामी BRICS सम्मेलन के दौरान अहम चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रस्तावित मुलाकात में Su-30MKI लड़ाकू विमानों के लिए लंबी दूरी की रूसी RVV-BD एयर-टू-एयर मिसाइल का प्रस्ताव भी एजेंडे में आ सकता है। (BRICS Modi Putin Missile Deal)
करीब 300 किलोमीटर तक मारक क्षमता वाली इस मिसाइल को Su-30MKI के साथ एकीकृत करने के लिए जरूरी तकनीकी बदलावों पर विचार किया जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने की क्षमता को मजबूती मिल सकती है।
मोदी-पुतिन मुलाकात पर रहेगी नजर : BRICS Modi Putin Missile Deal
BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। भारत-रूस रक्षा सहयोग इस बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। हालांकि, RVV-BD को लेकर अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है और इसे फिलहाल संभावित रक्षा सौदे के तौर पर देखा जा रहा है।
कीमत, तकनीकी एकीकरण और मिसाइल की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर सहमति बनने के बाद ही किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
AWACS और टैंकर विमान भी हो सकते हैं निशाने पर
RVV-BD को रूस की R-37M मिसाइल का निर्यात संस्करण माना जाता है। इसकी लंबी दूरी इसे सामान्य लड़ाकू विमानों के अलावा हवा में मौजूद महत्वपूर्ण सहायता और निगरानी विमानों के खिलाफ भी उपयोगी बना सकती है।
ऐसी मिसाइलों का इस्तेमाल AWACS, AEW&C, हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर और अन्य हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट को लंबी दूरी से निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

Su-30MKI को मिल सकती है अतिरिक्त क्षमता : BRICS Modi Putin Missile Deal
भारतीय वायुसेना के बेड़े में 260 से अधिक Su-30MKI विमान शामिल हैं और इन्हें लड़ाकू क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इन विमानों में रडार, एवियोनिक्स और सेंसर से जुड़े अपग्रेड भी किए जा रहे हैं।
RVV-BD जैसे लंबी दूरी के हथियार के साथ इन अपग्रेड का इस्तेमाल करने से Su-30MKI की दूर से लक्ष्य पर कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ सकती है।
रूसी विकल्प के साथ स्वदेशी अस्त्र पर भी जोर
भारत रूस से लंबी दूरी की मिसाइल लेने की संभावना पर विचार कर रहा है, वहीं स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइलों के विकास पर भी जोर जारी है। अस्त्र मिसाइल परिवार को आगे विकसित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की जरूरतों को घरेलू प्रणालियों से पूरा किया जा सके।
BRICS के बाद आगे बढ़ सकता है प्रस्ताव : BRICS Modi Putin Missile Deal
यदि भारत और रूस के बीच तकनीकी और व्यावसायिक मुद्दों पर सहमति बनती है, तो BRICS सम्मेलन के बाद RVV-BD से जुड़ा प्रस्ताव आगे बढ़ सकता है। ऐसे में सम्मेलन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के साथ रक्षा सहयोग को नई दिशा देने का मंच भी बन सकता है।
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