सीजी भास्कर, 16 सितंबर। मैनपुर विकासखंड के अमलीपदर क्षेत्र में इलाज के बाद एक और मरीज की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े (Abhilash Netam Death) हो गए हैं। सरनाबहाल निवासी 55 वर्षीय अभिलाष नेताम की मौत के बाद परिजनों ने निजी उपचार के दौरान लगाए गए इंजेक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे पहले डिगने यादव की मौत के मामले में भी निजी क्लीनिक के इलाज और इंजेक्शन को लेकर परिजनों ने शिकायत की थी। उस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच की बात कही थी और संबंधित डॉक्टर ने आरोपों से इनकार किया था।

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत Abhilash Netam Death
परिजनों के मुताबिक, अभिलाष नेताम का इलाज अमलीपदर के निजी चिकित्सक डॉ. मनीष सिन्हा ने किया था। उपचार के दौरान तीन एंटी-मलेरियल इंजेक्शन लगाए जाने की बात कही जा रही है। 14 सितंबर की रात करीब 8:40 बजे डोज पूरा होने के बाद अभिलाष की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी।

एक के बाद एक स्वास्थ्य केंद्र ले गए
हालत बिगड़ने पर परिजन अभिलाष को उरमाल स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां से उन्हें गंभीर स्थिति में हायर सेंटर रेफर किया गया। इसके बाद उरमाल से धर्मगढ़ और फिर देवभोग ले जाया गया।
परिजनों के अनुसार, देवभोग पहुंचने के बाद कुछ सुधार नजर (Abhilash Netam Death) आया, जिसके बाद वे अभिलाष को वापस घर ले आए। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे सरनाबहाल स्थित घर पर उनकी मौत हो गई।
मौत की वजह जांच से होगी साफ
रेफरल पर्ची में तीन एंटी-मलेरियल इंजेक्शन दिए जाने का उल्लेख होने की बात सामने आई है। हालांकि, इंजेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत उसी के कारण हुई। इसके लिए दवा का नाम, डोज, मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे।

पहले भी सामने आया था ऐसा मामला
अमलीपदर क्षेत्र में इससे पहले सराईपानी निवासी 26 वर्षीय डिगने यादव की निजी क्लीनिक में इलाज के बाद मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने आर्टीसुनेट इंजेक्शन और उपचार प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। संबंधित डॉक्टर ने आरोपों को निराधार बताया था।
इसी क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों को इंजेक्शन लगाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य और औषधि विभाग ने भी जांच शुरू की थी। बाद में एक मेडिकल स्टोर को सील किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
अब अभिलाष नेताम की मौत के बाद परिजन पूरे मामले की जांच की मांग (Abhilash Netam Death) कर रहे हैं। दोनों मामलों में उपचार रिकॉर्ड, दवाओं और इंजेक्शन की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और किसी लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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रिपोर्टर : आशुतोष सिंह राजपूत



