सीजी भास्कर, 17 सितंबर : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच छत्तीसगढ़ ने तकनीक आधारित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री एआई मिशन (Chhattisgarh AI Mission) के जरिए युवाओं, सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न क्षेत्रों को AI से जोड़ने की तैयारी की है। 500 करोड़ रुपए के इस मिशन के तहत 100 AI लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने हैं।
- 6 लाख विद्यार्थियों को AI से जोड़ने की तैयारी
- खेती से लेकर स्वास्थ्य तक AI का इस्तेमाल
- सरकारी सेवाओं और मॉनिटरिंग में भी तकनीक
- नवा रायपुर बनेगा AI और डेटा सेंटर का हब
- 13.5 एकड़ में बन रहा AI आधारित डेटा सेंटर
- NIT और IIIT में रिसर्च और स्टार्टअप पर जोर
- उद्योगों में उत्पादन और ऊर्जा दक्षता पर फोकस
- युवाओं के लिए तकनीकी रोजगार के नए अवसर
6 लाख विद्यार्थियों को AI से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री एआई मिशन के तहत करीब 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को AI के उपयोग से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा शासन की 50 से ज्यादा सेवाओं को AI की मदद से अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।
युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनाने के बजाय रोजगार पैदा करने के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। AI प्रशिक्षण मिशन (Chhattisgarh AI Mission) के जरिए युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने की योजना है।
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खेती से लेकर स्वास्थ्य तक AI का इस्तेमाल
सरकार के प्रस्तावित मिशन का दायरा केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं है। कृषि क्षेत्र में मौसम, फसल, कीट और रोगों से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण के जरिए किसानों को समय पर सलाह देने में AI का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जांच, रोग की पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रबंधन को बेहतर करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
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सरकारी सेवाओं और मॉनिटरिंग में भी तकनीक
सरकारी पोर्टलों और नागरिक सेवाओं में AI के इस्तेमाल से योजनाओं की मॉनिटरिंग और सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की तैयारी है। शासन की विभिन्न सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल से प्रक्रिया को तेज और डेटा आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सुशासन में AI (Chhattisgarh AI Mission) के इस्तेमाल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
नवा रायपुर बनेगा AI और डेटा सेंटर का हब
नवा रायपुर अटल नगर को IT, AI और डेटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकारी जानकारी के अनुसार यहां करीब 1 हजार करोड़ रुपए के निवेश से AI आधारित डेटा सेंटर और AI SEZ विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर रहेगा।
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13.5 एकड़ में बन रहा AI आधारित डेटा सेंटर
नवा रायपुर के सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ क्षेत्र में AI आधारित डेटा सेंटर विकसित किया जा रहा है। सरकारी दावे के अनुसार इसे देश के पहले AI आधारित डेटा सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस परियोजना से AI आधारित सेवाओं के लिए तकनीकी ढांचा मजबूत करने की योजना है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
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NIT और IIIT में रिसर्च और स्टार्टअप पर जोर
NIT रायपुर और IIIT नवा रायपुर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन संस्थानों के जरिए स्टार्टअप और नई तकनीकों पर काम करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। AI रिसर्च और स्टार्टअप (Chhattisgarh AI Mission) के विस्तार से तकनीकी क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिलने की योजना है।
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उद्योगों में उत्पादन और ऊर्जा दक्षता पर फोकस
औद्योगिक क्षेत्र में AI और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल से उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर है। रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल से उत्पादन की गति बढ़ाने और मानवीय त्रुटियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
AI सेंसर के जरिए मशीनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सकती है। संभावित खराबी की पहले जानकारी मिलने से रखरखाव और लागत प्रबंधन में भी मदद मिल सकती है।
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युवाओं के लिए तकनीकी रोजगार के नए अवसर
राज्य सरकार का फोकस AI को केवल तकनीक के तौर पर अपनाने के बजाय शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासन से जोड़ने पर है। 500 करोड़ रुपए के मिशन के तहत तैयार होने वाला ढांचा आने वाले वर्षों में AI आधारित प्रशिक्षण, शोध और सेवाओं के विस्तार का आधार बन सकता है।
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