सीजी भास्कर, 20 सितंबर : कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और सुलभ उपचार के लिए सरकार, चिकित्सा जगत और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। मरीज को इलाज के साथ यह भरोसा दिलाना भी जरूरी है कि वह इस लड़ाई में अकेला नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ के दौरान यह बात कही। कैंसर कॉन्क्लेव (Chhattisgarh Cancer Conclave 2026) में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
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समय पर पहचान से बढ़ती हैं उपचार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर के उपचार में बीमारी की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कॉन्क्लेव में शामिल विशेषज्ञों से ऐसी तकनीक और शोध पर चर्चा करने का आग्रह किया, जिससे बीमारी की जल्द पहचान हो और उपचार अधिक सस्ता व सुलभ बनाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन चिकित्सा क्षेत्र के अनुभव, शोध और नवाचार साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में मदद कर सकता है। कैंसर की समय पर पहचान (Early Cancer Detection) को स्वास्थ्य व्यवस्था में प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
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नवा रायपुर में 5 हजार बेड की मेडिसिटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। इसमें विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ बनने के समय प्रदेश में एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 15 हो गई है। पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
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इलाज के लिए 25 लाख रुपए तक की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी जरूरतमंद मरीज के उपचार में बाधा नहीं बननी चाहिए। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है। वहीं, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता दी जा रही है।
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बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लगभग 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें करीब 40 हजार लोगों में बीमारी की पहचान के बाद उन्हें उपचार से जोड़ा गया है। कैंसर उपचार सहायता (Cancer Treatment Support) और स्क्रीनिंग को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
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कैंसर मरीजों का बनेगा व्यवस्थित डेटाबेस
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। इससे कैंसर मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का बेहतर तरीके से संधारण भी किया जा सकेगा।
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उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदेश में 500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करना है। कैंसर मरीजों का डेटाबेस (Cancer Patient Database) तैयार होने से बीमारी की स्थिति और उपचार संबंधी जानकारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
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सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। स्क्रीनिंग और रोकथाम के उपायों के जरिए बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान और समय पर उपचार पर जोर दिया जा रहा है।
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‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष चर्चा हो रही है। आयोजन में देश-विदेश के चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधि कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार और अनुसंधान पर मंथन कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने देखीं कैंसर उपचार की नई तकनीकें
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग तथा जांच और उपचार से जुड़ी नवीन तकनीकों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकों की कार्यप्रणाली और दूरस्थ क्षेत्रों तक इनकी पहुंच के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ भी किया। उन्होंने विशेषज्ञों से कैंसर की शुरुआती पहचान और उपचार में नई तकनीकों तथा नवाचारों की संभावनाओं पर चर्चा की।
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