सीजी भास्कर, 22 सितंबर : छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी कांग्रेस नेता और तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिका पर आज फैसला सुनाया जा सकता है। रामगोपाल अग्रवाल की जमानत (Ramgopal Agrawal Bail) याचिका पर अदालत के फैसले का इंतजार है।
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8 जुलाई को EOW के सामने किया था सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद 8 जुलाई को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने जांच एजेंसी के सामने सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। EOW के सामने सरेंडर (Ramgopal Agrawal Bail) करने के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी गिरफ्तारी की जानकारी भी जांच एजेंसी से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आई थी।
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FIR के आधार पर ED की जांच
ED की जांच EOW और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की FIR तथा चार्जशीट से जुड़ी बताई गई है। एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के आबकारी कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक मामले के रिकॉर्ड में भी 2019 से 2023 के बीच आबकारी कारोबार में कथित अनियमितताओं से जुड़ी EOW/ACB जांच का उल्लेख है। शराब घोटाला जांच (Ramgopal Agrawal Bail) में रामगोपाल अग्रवाल समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं।
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3,200 करोड़ से ज्यादा के आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी ट्रेल की जांच की जा रही है। इस मामले में करीब 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित घोटाले की रकम का दावा जांच एजेंसियों की ओर से किया गया है। मामले में राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ भी अलग-अलग चरणों में कार्रवाई हुई है। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होना है। कथित शराब घोटाले का मामला (Ramgopal Agrawal Bail) इसी जांच से जुड़ा है।
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अदालत के फैसले का इंतजार
रामगोपाल अग्रवाल की ओर से अदालत में जमानत की मांग की गई है। अब अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद फैसला सुनाएगी। रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिका (Ramgopal Agrawal Bail) पर आने वाला फैसला उनके आगे की न्यायिक हिरासत को लेकर महत्वपूर्ण होगा।
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर
शराब मामले में EOW और ED की जांच अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ रही है। EOW-ACB की FIR से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई है, जबकि ED मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है। अब अदालत के फैसले के बाद रामगोपाल अग्रवाल को जमानत मिलती है या हिरासत जारी रहती है, यह स्पष्ट होगा। कोर्ट के फैसले पर नजर (Ramgopal Agrawal Bail) बनी हुई है।
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