सीजी भास्कर, 30 सितंबर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर फर्जी मतदान और पहचान से छेड़छाड़ के आरोप सामने (Youth Congress Election) आए हैं। कई प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए शिकायतें की हैं। आरोप है कि वर्चुअल मोबाइल नंबर, ओटीपी और अन्य तकनीकी माध्यमों से फर्जी पहचान बनाकर मतदान किया जा सकता है।
हालांकि, कितनी फर्जी पहचान बनाई गईं और कितने वोट इससे प्रभावित हुए, यह चुनावी प्रणाली के तकनीकी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। युवा कांग्रेस का ऑनलाइन मतदान 30 अगस्त से 29 सितंबर तक चला।

8 रुपए में वर्चुअल नंबर और ओटीपी मिलने का दावा Youth Congress Election
जांच के दौरान कुछ ऐसी ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी सामने आई है, जहां व्यक्तिगत सिम के बिना वर्चुअल मोबाइल नंबर लेकर ओटीपी प्राप्त करने का दावा किया जाता है। एक सेवा में करीब 8 रुपए में ओटीपी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
आरोप है कि ऐसे वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल चुनावी पहचान के सत्यापन में किया गया। हालांकि, इन सेवाओं का वास्तव में युवा कांग्रेस चुनाव में इस्तेमाल हुआ या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
15 मिनट में 200 वोट बढ़ने का दावा
कई प्रत्याशियों ने चुनाव अधिकारियों से शिकायत करते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में वोटों की संख्या अचानक बढ़ी। एक चुनावी सेक्शन में सुबह 9:03 बजे 3,500 से अधिक वोट दिखाई देने और करीब 15 मिनट बाद लगभग 200 वोट बढ़ने का दावा किया गया।
हालांकि, केवल वोटों की संख्या में बदलाव को फर्जी मतदान का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसकी पुष्टि के लिए चुनावी सिस्टम के लॉग, ओटीपी रिकॉर्ड, मतदान में इस्तेमाल उपकरण और मतदान के समय से जुड़े तकनीकी आंकड़ों की जांच जरूरी होगी।
एक पहचान से छह पदों के लिए मतदान
युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में 18 से 35 वर्ष की आयु के करीब 10 लाख सदस्य मतदान (Youth Congress Election) कर रहे हैं। एक मतदाता को छह अलग-अलग पदों के प्रत्याशियों के लिए वोट देना है। ऐसे में किसी पहचान के फर्जी पाए जाने पर एक से ज्यादा पदों के मतदान पर उसका असर पड़ सकता है।
कई प्रत्याशियों और समर्थकों ने पहचान हैक होने या उसमें छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत भी की है। कुछ लोगों का दावा है कि उनके नाम से ऐसे स्थानों पर मतदान दिखा, जहां वे कभी गए ही नहीं थे।
एआई और तस्वीरों में बदलाव के भी आरोप
फर्जी मतदान के आरोपों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तस्वीरों व वीडियो में बदलाव जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई है। कुछ लोगों ने फर्जी पहचान तैयार करने और तस्वीरों में बदलाव के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने का दावा किया है।
बिलासपुर में इससे जुड़े आरोपों वाला एक ऑडियो भी सामने आया था। हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रत्याशियों ने अधिकारियों से की शिकायत
कुछ प्रत्याशियों ने पहचान हैकिंग और फर्जी मतदान की शिकायत चुनाव से जुड़े अधिकारियों के सामने दर्ज कराने की जानकारी (Youth Congress Election) दी है। बिलासपुर जोन के जोनल रिटर्निंग ऑफिसर के सामने भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।
फर्जी मतदान के आरोपों की वास्तविक स्थिति चुनावी ऐप के तकनीकी डेटा की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसमें मोबाइल नंबर से बनाई गई पहचान, ओटीपी रिकॉर्ड, लॉगिन डिवाइस, एक डिवाइस से इस्तेमाल की गई पहचान और प्रत्येक पहचान से हुए मतदान का समय अहम रहेगा।
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