सीजी भास्कर, 2 अक्टूबर : अध्यक्ष की कुर्सी (District Panchayat President) को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। सदन के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। निर्वाचित सदस्यों के एक कदम ने नेतृत्व को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है। सदस्यों ने लिखित पत्र देकर विशेष बैठक बुलाने की मांग की है।
साथ ही बैठक में गुप्त मतदान के जरिए फैसला कराने की मांग रखी गई है। अब आगे की कार्रवाई को लेकर सबकी नजर प्रशासन के फैसले पर है। यह पूरा मामला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत से जुड़ा है। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के खिलाफ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। सदस्यों ने 1 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर लिखित सूचना पत्र सौंपा।
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अध्यक्ष के खिलाफ लामबंदी
जिला पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष पर मनमानी और एकतरफा तरीके से काम करने के आरोप लगाए हैं। सदस्यों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण फैसलों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। ज्ञापन में विकास कार्यों के आवंटन, प्रशासनिक निर्णयों और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सदस्यों ने आरोप लगाया कि चर्चा और सहमति के बिना फैसले लिए जा रहे हैं।
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कलेक्टर से विशेष बैठक की मांग
सदस्यों ने कलेक्टर से जिला पंचायत की विशेष बैठक जल्द बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कर गुप्त मतदान कराया जाए, ताकि सदन के सदस्यों की राय सामने आ सके। हालांकि, विशेष बैठक बुलाने और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया संबंधित वैधानिक प्रावधानों के तहत ही आगे बढ़ेगी। फिलहाल प्रशासन के स्तर पर इस मांग पर निर्णय होना बाकी है।
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इन सदस्यों ने सौंपा पत्र
अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने वाले सदस्यों में शांति बाई, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1, शेश्वरी उइके, क्षेत्र क्रमांक 2, सविता तिलक सोरी, क्षेत्र क्रमांक 4, नरसिंह भंडारी, क्षेत्र क्रमांक 5 और रेखा कोठारी, क्षेत्र क्रमांक 10 शामिल हैं। इसके अलावा भोजेश शाह मंडावी, लखन लाल कलामे सहित अन्य जिला पंचायत सदस्यों के भी पत्र पर हस्ताक्षर होने की जानकारी सामने आई है।
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पहले जाति प्रमाण पत्र पर विवाद
जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह का जाति प्रमाण पत्र भी पहले विवादों में रहा है। उनके गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत और जांच की प्रक्रिया चली थी। अगस्त 2026 में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने मामले की सुनवाई के बाद उनके गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र को मान्य माना था। इससे पहले प्रमाण पत्र को लेकर अलग-अलग स्तर पर आपत्तियां और जांच की प्रक्रिया सामने आई थी। इस पुराने विवाद के बीच अब सदस्यों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव की मांग सामने आने से स्थानीय राजनीति में हलचल और बढ़ गई है।
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क्या कहता है मामला
जिला पंचायत अध्यक्ष (District Panchayat President) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग अभी केवल सदस्यों की ओर से की गई है। इससे अध्यक्ष पद को लेकर तत्काल कोई बदलाव नहीं हुआ है। प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ती है या नहीं, यह कलेक्टर एवं संबंधित वैधानिक प्रक्रिया के तहत तय होगा। यदि विशेष बैठक बुलाई जाती है, तो उसमें प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की स्थिति बन सकती है।
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अब कलेक्टर के फैसले पर नजर
अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया (District Panchayat President) आगे बढ़ने की स्थिति में सदस्यों की संख्या और उनका रुख महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल पत्र सौंपे जाने के बाद सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत (District Panchayat President) में अध्यक्ष के खिलाफ सामने आई यह मांग आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकती है। हालांकि, अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम स्थिति विशेष बैठक और वैधानिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।



