सीजी भास्कर, 2 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के छोटे और उभरते शहरों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। आदर्श शहर समृद्धि योजना (Chhattisgarh Urban Development) के तहत पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत शहरों की स्थानीय जरूरत के हिसाब से सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यों का चयन स्थल निरीक्षण और स्थानीय जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।
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32 निकायों का चयन
पहले चरण में बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग के 6-6, बिलासपुर संभाग के 9 और दुर्ग संभाग के 5 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इस तरह कुल 32 निकाय योजना के दायरे में हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कार्यों के चयन और प्राथमिकता तय करने के लिए संभाग स्तर पर समितियां गठित की हैं। इन समितियों को संबंधित निकायों की जरूरत के अनुसार कार्यों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सड़क से ड्रेनेज तक काम
योजना में केवल सड़क निर्माण तक सीमित रहने के बजाय शहरों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर है। शहरी सुविधाएं (Chhattisgarh Urban Development) के तहत ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक सेवाओं से जुड़े कार्य भी लिए जा सकते हैं। इसके अलावा ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों को भी योजना में शामिल किया गया है।
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स्थानीय जरूरत से तय होंगे काम
शहरों में कौन-सा काम पहले कराया जाएगा, इसका निर्धारण स्थानीय जरूरत और जन अपेक्षाओं के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए संभाग स्तरीय समितियां स्थल निरीक्षण के बाद प्राथमिकता तय करेंगी। निकाय अध्यक्षों, पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से विकास कार्यों का चयन किया जाना है। इससे अलग-अलग शहरों में उनकी जरूरत के मुताबिक परियोजनाएं तय की जाएंगी।
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बस्तर के 6 निकाय
बस्तर संभाग में सुकमा नगर पालिका के अलावा भोपालपटनम, गीदम, केशकाल, पखांजूर और नरहरपुर नगर पंचायत को शामिल किया गया है। इन निकायों में स्थानीय जरूरत के अनुसार बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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रायपुर-सरगुजा के निकाय
रायपुर संभाग में कुरूद, महासमुंद, आरंग और बलौदाबाजार नगर पालिका के साथ पिथौरा और चंदखुरी नगर पंचायत शामिल हैं। सरगुजा संभाग में सूरजपुर, पत्थलगांव और मनेंद्रगढ़ नगर पालिका तथा लखनपुर, कोतबा और कुनकुरी नगर पंचायत को योजना में जगह मिली है।
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बिलासपुर के 9 निकाय
बिलासपुर संभाग में सबसे ज्यादा 9 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें तखतपुर, मुंगेली, लोरमी, जांजगीर-नैला और सक्ती नगर पालिका तथा बिल्हा, घरघोड़ा, पुसौर और सरिया नगर पंचायत शामिल हैं। दुर्ग संभाग में पंडरिया और खैरागढ़ नगर पालिका के साथ गुरूर, घुमका और छुईखदान नगर पंचायत को योजना में शामिल किया गया है।
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200 करोड़ का प्रावधान
राज्य के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (Chhattisgarh Urban Development) के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार के बजट दस्तावेज में सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट ट्रैफिक, हरित क्षेत्र और जल संरक्षण जैसे कार्यों को योजना से जोड़ा गया है। योजना का उद्देश्य नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके जरिए छोटे और मध्यम शहरों में स्थानीय जरूरत के मुताबिक विकास कार्यों को गति देने की योजना है।
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