सीजी भास्कर, 2 अक्टूबर : रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की जमीन आवंटन योजना को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ऐसे मामलों में पहले भी घिर चुके हैं। केदार कश्यप पर भूपेश बघेल का हमला (Bhupesh Baghel Kedar Kashyap) RDA जमीन विवाद को लेकर सामने आया है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान बघेल ने केदार कश्यप की पत्नी से जुड़े पुराने परीक्षा प्रकरण का जिक्र किया और मौजूदा RDA विवाद पर सवाल उठाए। उन्होंने इसके साथ महंगाई, आयुष्मान योजना, नगर निगम विवाद, महानदी जल विवाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
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RDA जमीन पर सियासी हमला
RDA की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन को लेकर विवाद चल रहा है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23,327 वर्गफीट का भूखंड प्रस्तावित किया गया है। संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। भूपेश बघेल ने इसी विवाद को लेकर केदार कश्यप के पुराने परीक्षा प्रकरण का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पत्नी की जगह किसी अन्य महिला के परीक्षा देने का मामला सामने आया था और बाद में उसे लेन-देन कर खत्म कर दिया गया।
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पुराने मामले का जिक्र
बघेल ने कहा कि केदार कश्यप ऐसे मामलों में पहले भी घिर चुके हैं। उन्होंने पुराने मामले का संदर्भ देते हुए मौजूदा जमीन विवाद पर सरकार को घेरा। हालांकि, पुराने परीक्षा प्रकरण को लेकर बघेल द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। RDA से जुड़े मौजूदा मामले में प्राधिकरण ने दावा-आपत्तियां मंगाने और आपत्तियों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की बात कही है। RDA विवाद में भूपेश बघेल की टिप्पणी (Bhupesh Baghel Kedar Kashyap) अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है।
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महंगाई पर भी सरकार घिरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने LPG और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और दूध की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए महंगाई से आम लोगों पर पड़ रहे असर का जिक्र किया। बघेल ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
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आयुष्मान योजना पर सवाल
आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी बघेल ने सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि यदि अस्पतालों में अनियमितताएं थीं, तो सरकार ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। बघेल ने दावा किया कि संबंधित विभागों को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, अब कार्रवाई किए जाने से सरकार की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। भूपेश बघेल के बयान (Bhupesh Baghel Kedar Kashyap) में सरकार की कार्यप्रणाली से जुड़े कई मुद्दे शामिल रहे।
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महापौर-अफसर विवाद पर तंज
नगर निगम में महापौर और अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी बघेल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निगम में चल रहा विवाद सरकार के कामकाज की तस्वीर सामने ला रहा है। वहीं महानदी जल विवाद को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के हित में फैसला लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों को ध्यान में रखकर इस विवाद का समाधान किया जाना चाहिए।
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धर्मांतरण पर कार्रवाई की मांग
धर्मांतरण के मुद्दे पर बघेल ने सरकार से केवल चिंता जताने के बजाय ठोस कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में अपनी नीति और कार्रवाई स्पष्ट करनी चाहिए। RDA जमीन विवाद को लेकर फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की है, जबकि RDA की ओर से दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद नियमानुसार परीक्षण की बात कही गई है। RDA जमीन विवाद पर भूपेश का बयान (Bhupesh Baghel Kedar Kashyap) आने के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।



