सीजी भास्कर, 03 अक्टूबर । हिंदू धर्म में पितृपक्ष के 16 दिनों को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। साल 2026 में पितृपक्ष का समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। (Sarva Pitru Amavasya 2026)
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पितरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए खास दिन : Sarva Pitru Amavasya 2026
मान्यता के अनुसार, इस दिन उन पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु की सही तिथि ज्ञात नहीं होती। सर्वपितृ अमावस्या पर दान-पुण्य करने की भी परंपरा है।
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पितरों की शांति के लिए दान-पुण्य की परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन 5 चीजों का दान विशेष माना जाता है।
पहला है अन्न का दान। चावल, गेहूं, दाल, आटा और अन्य खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को दान की जा सकती है।
दूसरा है काले तिल का दान। पितृ कर्म और तर्पण में काले तिल का विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
तीसरा है वस्त्र दान। जरूरतमंद लोगों को साफ और पहनने योग्य कपड़े दान करने की परंपरा है।
चौथा है गुड़ का दान। धार्मिक मान्यताओं में गुड़ को शुभ माना गया है और इसे अन्न के साथ भी दान किया जा सकता है।
और पांचवां है घी का दान। धार्मिक अनुष्ठानों में घी का इस्तेमाल दीपक और हवन में किया जाता है, इसलिए इसे भी दान के लिए शुभ माना जाता है।
ध्यान रखें, ये सभी बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए।
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