सीजी भास्कर, 26 सितंबर : छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के बाद कथित 1500 करोड़ वसूली (Chhattisgarh 1500 Crore Controversy) को लेकर कांग्रेस ने जांच की मांग तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पूछा है कि इस मामले की जांच कब होगी। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा विधायक की शिकायत के बाद सामने आए वीडियो में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेते हुए 1,500 करोड़ रुपए की कथित वसूली का दावा किया गया था। हालांकि, भाजपा ने इस वीडियो को फर्जी बताया है।
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वीडियो की जांच की मांग
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि वीडियो फर्जी है तो जांच के जरिए इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पार्टी की ओर से CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। कांग्रेस का कहना है कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि वीडियो वास्तव में फर्जी है या उसमें लगाए गए आर्थिक लेन-देन के आरोपों में कोई तथ्य है।
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भाजपा ने बताया फर्जी
इस पूरे विवाद में भाजपा का पक्ष अलग है। भाजपा ने वायरल वीडियो को फर्जी बताया है। ऐसे में वायरल वीडियो विवाद (Chhattisgarh 1500 Crore Controversy) की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है। कांग्रेस का कहना है कि वीडियो फर्जी पाए जाने पर उसे तैयार करने और प्रसारित करने वालों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि वीडियो में लगाए गए आरोपों में तथ्य मिलता है तो उसके आधार पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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संगठन में बड़ा बदलाव
24 सितंबर को भाजपा ने छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक जिम्मेदारी में बदलाव किया। पवन साय को झारखंड भेजा गया है, जबकि झारखंड में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। इस बदलाव के बाद भाजपा संगठन बदलाव (Chhattisgarh 1500 Crore Controversy) को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हुई है। कांग्रेस का कहना है कि संगठन में जिम्मेदारियां बदलने से वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच का सवाल खत्म नहीं होता।
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टेंडर पर भी सवाल
धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर और सामान-सर्विस की सप्लाई में कथित अनियमितताओं की जांच की भी मांग की है। कांग्रेस ने कहा है कि कथित आर्थिक लेन-देन (Chhattisgarh 1500 Crore Controversy) से जुड़े दावों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में वीडियो के आरोपों की स्वतंत्र जांच से जुड़ा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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जांच से सामने आएगी सच्चाई
कांग्रेस ने केंद्र से CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से जांच कराने की मांग की है। पार्टी का तर्क है कि यदि वीडियो फर्जी है तो इसकी पुष्टि जांच से हो सकती है और यदि आरोपों में तथ्य हैं तो उनकी भी पड़ताल जरूरी है। फिलहाल जांच की मांग (Chhattisgarh 1500 Crore Controversy) कांग्रेस की ओर से उठाई गई है, जबकि भाजपा वायरल वीडियो को फर्जी बता चुकी है। मामले में किसी जांच एजेंसी की ओर से निष्कर्ष सामने आने तक आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
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