सीजी भास्कर, 23 सितंबर : असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ में भी सियासी घमासान तेज हो गया है। सियासी विवाद (Political Controversy) को लेकर भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी अंदरूनी गुटबाजी और आपसी विवाद का ठीकरा भाजपा पर फोड़ने की कोशिश कर रही है। असम की घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कांग्रेस ने घटना के लिए भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़कर देख रही है।
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वीडियो फुटेज का हवाला देकर कांग्रेस पर निशाना
भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए संतोष पाण्डेय ने दावा किया कि असम की घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में कांग्रेस के झंडे दिखाई दे रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की स्थिति नजर आ रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी का परिणाम बताया। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस घटना का ठीकरा भाजपा पर फोड़कर अपने अंदरूनी विवाद से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
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बिहार चुनाव के दौरान विवाद का किया जिक्र
संतोष पाण्डेय ने अपने बयान में बिहार चुनाव के दौरान सामने आए एक पुराने घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भूपेश बघेल चुनाव के लिए ऑब्जर्वर बनकर बिहार पहुंचे थे। पाण्डेय के मुताबिक एयरपोर्ट पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और अन्य नेताओं के बीच विवाद और प्रदर्शन की स्थिति बनी थी। उन्होंने इसी उदाहरण का हवाला देते हुए भूपेश बघेल की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए।
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बस्तर के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
भाजपा सांसद ने असम की घटना के साथ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की स्थिति को लेकर भी पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहने के दौरान बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे इलाकों में शाम के समय लोगों की आवाजाही मुश्किल होती थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रचारकों के लिए बस्तर के अंदरूनी इलाकों में जाना चुनौतीपूर्ण था। पाण्डेय ने दावा किया कि मौजूदा समय में बस्तर के दूरस्थ इलाकों के साथ मानपुर-मोहला और लछना-कटेमम जैसे क्षेत्रों में भी लोगों की आवाजाही हो रही है।
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कश्मीर के पुराने बयानों का भी जिक्र
संतोष पाण्डेय ने कश्मीर में पत्थरबाजी से जुड़े कांग्रेस के पुराने बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 2017 में कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज के कथित बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस पर पत्थरबाजों के प्रति नरम रुख रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को असम की घटना पर प्रतिक्रिया देने से पहले अपने पुराने बयानों और राजनीतिक रुख पर भी विचार करना चाहिए।
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दीपक बैज के आरोपों पर भी पलटवार
भाजपा सांसद ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने सरगुजा में टीएस सिंहदेव और बृहस्पति सिंह के बीच हुए पुराने राजनीतिक विवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी पर सवाल उठाए। कांग्रेस-भाजपा टकराव (BJP Congress Clash) को लेकर पाण्डेय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर में सबसे पहले नेताओं को गुटबाजी से बचने का पाठ पढ़ाना चाहिए।
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भाजपा के कामकाज का किया जिक्र
संतोष पाण्डेय ने कहा कि भाजपा विकास और सुशासन के मुद्दे पर जनता के बीच काम कर रही है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने आंतरिक विवादों में उलझी हुई है। असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुई घटना को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा जहां इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल असम की घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने हैं। इसी के बीच छत्तीसगढ़ में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
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