सीजी भास्कर, 3 अक्टूबर : जंगल में विस्फोटक लगाकर वन्यजीवों का शिकार करने वाले शिकार गिरोह (Wildlife Hunting Gang) पर एंटी-पोचिंग यूनिट ने कार्रवाई की है। टीम ने जंगली सूअर के शिकार के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से 13 जिंदा पोटाश बम समेत शिकार में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए गए हैं।

कार्रवाई के दौरान दो अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है। जांच में विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति से जुड़े एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसे स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है। मामला उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) से जुड़ा है। 29 सितंबर को रिसगांव परिक्षेत्र के आरएफ कक्ष क्रमांक 254 और 255 तथा छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से लगे चिखलापानी क्षेत्र में मिली सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की।
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जंगली सूअर के शिकार का आरोप
एंटी-पोचिंग टीम ने दो आरोपियों को कथित रूप से विस्फोटक का इस्तेमाल कर जंगली सूअर का शिकार करने और उसके शव को काटने की स्थिति में पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरसिंह करीब 50 वर्ष और मान सिंह करीब 22 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों नबरंगपुर, ओडिशा के ग्राम खिलौली के निवासी बताए गए हैं। मौके से 13 जिंदा पोटाश बम (Wildlife Hunting Gang) बरामद किए गए। इसके अलावा टंगिया, चाकू, हंसिया और कट्टा सहित शिकार में इस्तेमाल होने वाले औजार भी जब्त किए गए।
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दो आरोपी फरार
कार्रवाई के दौरान मौके से दो अन्य व्यक्ति फरार हो गए। वन विभाग की टीम उनकी तलाश कर रही है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी जारी है। विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में भारत, पिता रामजी राठौर, निवासी ग्राम कोहराबेड़ा, थाना विश्रामपुरी, जिला कोंडागांव को स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए गिरफ्तार नहीं किया गया। उसे BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है।
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न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए
मामले में POR क्रमांक 70/22 के तहत वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रासंगिक धाराओं में वन अपराध दर्ज किया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 1 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नगरी के समक्ष पेश किया गया। अदालत से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पूछताछ और जांच से मिली जानकारी के आधार पर एक आरोपी से संबंधित परिसर में तलाशी ली गई। संयुक्त टीम को यहां हथियार संबंधी सामग्री, 29 कारतूस, दो बम या पटाखा प्रकार की सामग्री और 20 टिकली पटाखे मिले। इसके अलावा अलग-अलग मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई। इनमें करीब 0.200 किलोग्राम, 0.230 किलोग्राम, 0.100 किलोग्राम और 0.008 किलोग्राम सामग्री शामिल है।
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व्यापक नेटवर्क की जांच
उपनिदेशक वरुण जैन के अनुसार, बरामदगी इस पहलू की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है कि वन्यजीव शिकार में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक केवल अलग-अलग घटनाओं तक सीमित हैं या इनके संग्रहण, आपूर्ति और इस्तेमाल से जुड़ी व्यापक गतिविधि भी है। यूएसटीआर की ओर से विस्फोटक पदार्थों के अवैध कब्जे या उपयोग से जुड़े मामलों में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विस्फोटक पदार्थों पर कार्रवाई (Wildlife Hunting Gang) की जा रही है। इसके लिए Explosive Substances Act, 1908 की लागू धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
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हॉटस्पॉट बेल्ट में निगरानी
केशकाल-कांकेर-नबरंगपुर-नगरी बेल्ट में विस्फोटकों के जरिए वन्यजीव शिकार की घटनाओं को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। वन्यजीव शिकार की निगरानी (Wildlife Hunting Gang) अब इस पूरे क्षेत्र में तेज की जा रही है। विभाग के अनुसार, जंगल में इस्तेमाल होने वाले ऐसे विस्फोटक केवल वन्यजीवों के लिए ही खतरा नहीं हैं, बल्कि गश्त करने वाली वन विभाग और सुरक्षा टीमों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। मामले की जांच के दौरान शिकार में विस्फोटक का इस्तेमाल (Wildlife Hunting Gang) करने से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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