सीजी भास्कर, 18 सितंबर : जंगल में गश्त के दौरान मिले खून के छींटों ने वन विभाग को सांभर के कथित अवैध शिकार के मामले तक पहुंचा दिया। कैमरा ट्रैप फुटेज और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ी। इसके बाद एंटी-पोचिंग टीम ने कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सांभर शिकार (Sambar Hunting) से जुड़े मामले में कुछ अन्य संदिग्धों के फरार होने की जानकारी है।
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खून के छींटों से सुराग
वन विभाग के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र की एंटी-पोचिंग टीम शेषपार जलप्रपात के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान जंगल में वन्यप्राणी के खून के छींटे मिले। टीम ने इन निशानों को गंभीरता से लिया और मौके के आसपास जांच शुरू की। इसके बाद जंगल में मिले सुराग (Sambar Hunting) को कैमरा ट्रैप फुटेज से जोड़कर आगे की पड़ताल की गई।
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कैमरा ट्रैप से मदद
खून के निशान मिलने के बाद वन विभाग ने आसपास लगाए गए कैमरा ट्रैप के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर गोपनीय सूचना भी जुटाई गई। कैमरा फुटेज और मुखबिर से मिली जानकारी को जोड़ने के बाद जांच की कड़ी संदिग्ध लोगों तक पहुंची।
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तीन गांवों तक पहुंची जांच
जांच के दौरान ग्राम सिहावा, डुंडरपानी और चिंहरापारा के कुछ लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद वन विभाग ने संदिग्धों की गतिविधियों और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन के अनुसार, जांच के आधार पर 16 दिसंबर को संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
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घरों से सामान बरामद
तलाशी के दौरान संदिग्धों के घरों से तीर-धनुष, फंदे और कांटे समेत शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा सांभर का मांस और सींग तथा जंगली सूअर का मांस भी मिलने की जानकारी वन विभाग ने दी। बरामद सामग्री को जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया। पूरी कार्रवाई की फोटो-वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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सांभर के अवशेष मिले
16 दिसंबर की तलाशी के बाद 17 दिसंबर को वन विभाग की टीम ने शेषपार जलप्रपात के पास बताए गए घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया। मौके से हड्डियां और मांस के टुकड़े मिले। वन विभाग के अनुसार, वहां मांस पकाए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। इन अवशेषों को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
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फारेंसिक जांच होगी
मौके से बरामद हड्डियों और मांस के टुकड़ों को वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी की जा रही है। जांच के बाद अवशेषों की पहचान और मामले से संबंधित अन्य तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।
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17 दिसंबर को अपराध दर्ज
मामले में वन विभाग ने 17 दिसंबर को पीओआर क्रमांक 10/09 के तहत वन अपराध दर्ज किया। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। जांच में सामने आए 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
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12 आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग की एंटी-पोचिंग टीम ने अवैध शिकार मामले (Sambar Hunting) में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं कुछ अन्य संदिग्धों के फरार होने की जानकारी सामने आई है। उनकी तलाश के लिए टीम कार्रवाई कर रही है।
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पूछताछ से खुलेंगे राज
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कथित शिकार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
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निगरानी बढ़ाई गई
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणियों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने के लिए एंटी-पोचिंग टीमों की गश्त और निगरानी जारी है। कैमरा ट्रैप और मुखबिर तंत्र के जरिए जंगल में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
साक्ष्यों की जांच जारी
वन्यप्राणी शिकार (Sambar Hunting) मामले में जब्त अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फरार संदिग्धों की तलाश भी जारी है।
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