सीजी भास्कर, 11 अक्टूबर : भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से कथित तौर पर लोहा चोरी (BSP Scrap Mafia) का मामला एक बार फिर सामने आया है। सीबीआई जांच की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बावजूद चोरी की घटनाएं नहीं थमने का आरोप लगा है। छावनी क्षेत्र में पांडेय कबाड़ी के गोदाम में बीएसपी का लोहा काटे जाने की सूचना पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।

विधायक रिकेश सेन के मुताबिक, उनकी टीम को छावनी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में लोहा और काटकर अलग किए गए लोहे के टुकड़े होने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दुर्ग पुलिस को सूचना दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गोदाम में लोहे की जब्ती की कार्रवाई जारी है।
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सीबीआई जांच के बीच चोरी
बीएसपी से कथित लोहा चोरी (BSP Scrap Mafia) का मामला लंबे समय से चर्चा में है। विधायक रिकेश सेन की मांग के बाद राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की स्वीकृति दी थी। इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना भी प्रकाशित हुई। इसके बावजूद ताजा घटनाक्रम ने संयंत्र की राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक का कहना है कि जांच की स्वीकृति मिलने के बाद भी यदि बीएसपी का लोहा कबाड़ के गोदामों तक पहुंच रहा है, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर कथित चोरी के नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की है।
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धर्मकांटा से गोदाम तक
विधायक रिकेश सेन के अनुसार, ताजा सूचना में आशंका जताई गई कि लोहा धर्मकांटा से निकलने के बाद रास्ते में रोका जाता है। इसके बाद उसे काटकर अलग-अलग हिस्सों में रखा जाता है और फिर आगे पहुंचाया जाता है। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। छावनी स्थित पांडेय कबाड़ी के गोदाम से मिले लोहे का वास्तविक स्रोत, उसकी मात्रा और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद सामग्री का बीएसपी से कोई संबंध है या नहीं और इस मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
हजारों करोड़ के नुकसान का दावा
विधायक रिकेश सेन ने कथित लोहा चोरी (BSP Scrap Mafia) को राष्ट्रीय संपत्ति के लिए गंभीर नुकसान बताते हुए दावा किया कि वर्षों से चल रही इस गतिविधि से हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। उन्होंने कहा कि नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन निष्पक्ष जांच के आधार पर किया जाना चाहिए। विधायक ने मांग की कि कार्रवाई केवल चोरी के कथित माल की बरामदगी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि माल संयंत्र से बाहर कैसे निकाला गया, उसे किन लोगों ने खरीदा और कथित नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।

अधिकारियों की भूमिका की जांच
रिकेश सेन ने आरोप लगाया कि कथित चोरी पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) या बीएसपी के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकती। उन्होंने संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, अधिकारियों या कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही तय की जा सकेगी।
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पुलिस कार्रवाई पर नजर
छावनी क्षेत्र में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर कार्रवाई (BSP Scrap Mafia) से मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। बरामद लोहे की पहचान, उसके स्रोत और परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच से कथित चोरी की कड़ियां जुड़ सकती हैं। विधायक सेन ने दुर्ग पुलिस, सीआईएसएफ और बीएसपी प्रबंधन से समन्वय बनाकर कार्रवाई तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति की कथित चोरी रोकने के साथ-साथ इसमें शामिल लोगों और संभावित सहयोगियों की पहचान भी जरूरी है।

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सीबीआई जांच से उम्मीदें
बीएसपी से कथित लोहा चोरी (BSP Scrap Mafia) का मामला अब औद्योगिक संपत्ति की सुरक्षा और संभावित संगठित नेटवर्क की जांच से जुड़ा है। राज्य सरकार से सीबीआई जांच की स्वीकृति मिलने के बाद अब जांच की प्रक्रिया और उसके दायरे पर निगाहें टिकी हैं। ताजा कार्रवाई में पुलिस को क्या तथ्य मिलते हैं और कथित चोरी के नेटवर्क की कितनी कड़ियां सामने आती हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल, छावनी स्थित गोदाम में पुलिस की कार्रवाई जारी होने की जानकारी है।



