सीजी भास्कर, 11 अक्टूबर : दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन (CJP Protest Supreme Court) को लेकर रविवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलाने का निर्देश दिया। साथ ही इंटरनेट बंद करने पर भी रोक लगाई। अदालत ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के आरोपों पर भी सवाल उठाए।
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मेट्रो-रेल सेवा सामान्य रखें
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित किया जाए। अदालत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के कारण आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इंटरनेट सेवा बंद करने को लेकर भी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। ये निर्देश (CJP Protest Supreme Court) मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए।
45 मेट्रो स्टेशन प्रभावित
सुनवाई के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) से उन मेट्रो स्टेशनों का नक्शा मांगा गया, जहां प्रतिबंध लगाए गए थे। शुरुआती प्रस्ताव में 57 स्टेशनों पर पाबंदी की बात थी, जबकि बाद में 45 स्टेशनों पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी सामने आई। अदालत ने बैरिकेडिंग की भी समीक्षा करने को कहा। मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों (CJP Protest Supreme Court) को लेकर कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
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पुलिस कार्रवाई पर सवाल
अदालत ने प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेने, बल प्रयोग करने, वकीलों के साथ मारपीट और मोबाइल फोन जब्त किए जाने के आरोपों पर सवाल उठाए। इन आरोपों की पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। कोर्ट ने पूरे घटनाक्रम (CJP Protest Supreme Court) पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
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अवमानना नोटिस जारी
सुनवाई के दौरान 9 अक्टूबर के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का मामला भी उठा। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। अदालत अब आदेश के पालन और कार्रवाई से जुड़े तथ्यों (CJP Protest Supreme Court) की समीक्षा करेगी।
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