सीजी भास्कर, 10 अक्टूबर : अहिवारा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत प्रस्तावित ग्रीन स्पेस डेवलपमेंट और पार्क निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 2.16 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना (Ahivara Amrut 2 Park Tender) में निविदा प्रक्रिया के साथ चयनित फर्म के अनुभव और निर्माण स्थल की उपयुक्तता पर भी सवाल किए जा रहे हैं।
निविदा में चार फर्मों या संस्थाओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें विजय कुमार शैलेन्द्र कुमार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रीतू कंस्ट्रक्शन, मुक्ता और समृद्धि एसोसिएट तथा निवारण परगनिया के नाम बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विजय कुमार शैलेन्द्र कुमार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के L1 आने की बात सामने आई है।
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फर्म के अनुभव पर सवाल
निविदा दस्तावेज में “Organization Experience – Similar Work” की शर्त का उल्लेख है। इसका आशय संबंधित फर्म या कंपनी के पास पहले इसी तरह का अथवा परियोजना से मिलता-जुलता काम करने का अनुभव होने से है। स्थानीय सूत्रों ने दावा किया है कि L1 आने वाली फर्म के पास ऐसे कार्य का पर्याप्त पूर्व अनुभव नहीं है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निविदा में शामिल फर्म की पात्रता (Ahivara Amrut 2 Park Tender) किस आधार पर स्वीकार की गई। इसे स्पष्ट करने के लिए फर्म के अनुभव प्रमाण-पत्र, तकनीकी मूल्यांकन और नगर पालिका के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
तालाब के पार स्थल चयन
परियोजना के निर्माण स्थल को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित पार्क का स्थान तालाब के पार क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि नगर पालिका क्षेत्र में अन्य संभावित स्थानों पर विचार करने के बजाय इसी स्थल का चयन किया गया। हालांकि, स्थल चयन से संबंधित इन दावों की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से होना बाकी है।
इस मामले में परियोजना की डीपीआर, स्थल निरीक्षण रिपोर्ट, भूमि अभिलेख और तकनीकी स्वीकृति महत्वपूर्ण होंगे। इनके आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चयनित भूमि की स्थिति, स्वामित्व, उपयोगिता और जल निकाय से निकटता का आकलन किस तरह किया गया। साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि पार्क निर्माण के लिए अन्य संभावित स्थानों का सर्वे या तुलनात्मक मूल्यांकन हुआ था या नहीं।
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तकनीकी उपयुक्तता की जांच
अमृत-2 योजना के तहत ग्रीन स्पेस डेवलपमेंट का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देना है। इसलिए परियोजना (Ahivara Amrut 2 Park Tender) में केवल निर्माण लागत ही नहीं, बल्कि संबंधित फर्म की तकनीकी क्षमता और स्थल की उपयुक्तता भी महत्वपूर्ण है।
यदि निर्माण स्थल तालाब के पार या जल निकाय से प्रभावित क्षेत्र में है, तो भूमि की स्थिति और निर्माण की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच विशेष रूप से जरूरी होगी। इन पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए नगर पालिका के तकनीकी दस्तावेजों का परीक्षण आवश्यक है।
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दस्तावेजों से खुलेगा मामला
करीब 2.16 करोड़ रुपये की इस परियोजना (Ahivara Amrut 2 Park Tender) में अब नगर पालिका की निविदा प्रक्रिया और स्थल चयन से जुड़े दस्तावेजों पर नजर है। इनमें डीपीआर, स्थल चयन संबंधी प्रस्ताव, तकनीकी स्वीकृति, भूमि संबंधी रिकॉर्ड, निविदा पात्रता जांच, अनुभव प्रमाण-पत्र, तकनीकी मूल्यांकन समिति की रिपोर्ट और वर्क ऑर्डर शामिल हैं।
इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि L1 फर्म ने “Organization Experience – Similar Work” की शर्त पूरी की है या नहीं। साथ ही, चयनित स्थल अमृत-2 योजना के तहत ग्रीन स्पेस विकास के लिए तकनीकी और नियमानुसार उपयुक्त है या नहीं, इसकी भी पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल, दोनों बिंदुओं पर आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
अहिवारा से गोवर्धन प्रसाद ताम्रकार की रिपोर्ट



