सीजी भास्कर, 1 अक्टूबर : रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की कचना-लाभांडी-सड्डू नगर विकास योजना को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मंत्री केदार कश्यप (Kedar Kashyap Wife Plot Controversy) की पत्नी शांति कश्यप से जुड़ी कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्राइम लोकेशन का बड़ा भूखंड प्रस्तावित किया गया है। कांग्रेस का दावा है कि इस प्लॉट की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हो सकती है। हालांकि, यह कीमत कांग्रेस के आकलन पर आधारित है, आधिकारिक बाजार मूल्य नहीं।
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने पत्रकार वार्ता में इस मामले को उठाया। कांग्रेस ने पूरे भूखंड पुनर्गठन और आवंटन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
यह भी पढ़ें : AI Livelihood : बलरामपुर में AI से रोजगार की नई पहल, प्रिज्मा AI के साथ हुआ समझौता
23 हजार वर्गफीट प्लॉट पर सवाल
कांग्रेस (Kedar Kashyap Wife Plot Controversy) के मुताबिक, राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। इसके बदले सड्डू में प्लॉट नंबर 25 प्रस्तावित किया गया है। इसका क्षेत्रफल करीब 2,168 वर्गमीटर यानी 23,327 वर्गफीट बताया गया है। यह भूखंड प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी MR-43 सड़क के पास बताया जा रहा है।
कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का दावा है कि सड़क विकसित होने के बाद इस क्षेत्र में जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट तक पहुंच सकती है। इसी अनुमान के आधार पर उन्होंने प्लॉट की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।
मूल जमीन से एक किमी दूरी
कांग्रेस (Kedar Kashyap Wife Plot Controversy) ने सबसे बड़ा सवाल मूल जमीन और प्रस्तावित अंतिम भूखंड के बीच की दूरी को लेकर उठाया है। डॉ. गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50(3) का हवाला देते हुए कहा कि अंतिम भूखंड तैयार करने के लिए मूल भूखंड की सीमाओं में पुनर्गठन अथवा आसपास के भूखंड के हस्तांतरण का प्रावधान है। उनका आरोप है कि कचना की मूल जमीन के बदले सड्डू में प्रस्तावित भूखंड करीब एक किलोमीटर दूर है। कांग्रेस ने पूछा है कि इतनी दूरी पर अंतिम भूखंड देने का वैधानिक आधार क्या है।
यह भी पढ़ें : Royal Enfield Himalayan 440 : बंपर डिमांड से इस बाइक की बंद करनी पड़ी, 6 महीने की वेटिंग, कीमत और फीचर्स जानिए
प्राइम लोकेशन पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस (Kedar Kashyap Wife Plot Controversy) का दावा है कि कचना स्थित मूल जमीन तक पहुंचने वाली सड़क काफी संकरी है, जबकि प्रस्तावित अंतिम भूखंड सड्डू के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र के नजदीक और MR-43 की प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी सड़क के पास है। पार्टी ने सवाल उठाया कि योजना में 12 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों का प्रावधान होने के बावजूद अंतिम भूखंड को मुख्य सड़क के पास क्यों प्रस्तावित किया गया। कांग्रेस ने इसे जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बताया है।
यह भी पढ़ें : Rohit Sharma Record : रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, 12 हजार ODI रन पूरे कर बने दुनिया के 7वें बल्लेबाज
जमीन योजना में क्यों शामिल हुई
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि राधिका पैलेस की करीब 1.33 एकड़ जमीन को नगर विकास योजना में शामिल करना आखिर क्यों जरूरी था। पार्टी ने RDA से पूछा कि क्या इस जमीन को शामिल किए बिना योजना तैयार नहीं की जा सकती थी।
कांग्रेस के अनुसार, मूल जमीन को सार्वजनिक सुविधाओं के लिए उपयोग किए जाने का प्रस्ताव है और उसके बदले अलग स्थान पर अंतिम भूखंड दिए जाने की प्रक्रिया की तकनीकी और वैधानिक आधार पर जांच होनी चाहिए।
यह भी पढ़ें : Diesel Fraud : सस्ता डीजल दिलाने का झांसा, 1353 लीटर भरवाकर ₹1.08 लाख ठगे; पैसे मिलते ही फोन बंद
कांग्रेस ने की जांच की मांग
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि जांच पूरी होने तक योजना को अंतिम रूप देने और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
कांग्रेस ने मंत्री केदार कश्यप (Kedar Kashyap Wife Plot Controversy) के इस्तीफे की मांग भी की है और कहा है कि यदि जांच में भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, RDA की आधिकारिक वेबसाइट पर कचना, लाभांडी और सड्डू की MR-43 नगर विकास योजना से संबंधित प्रस्तावित योजना और धारा 50(3) से जुड़े दस्तावेज सितंबर 2026 में प्रकाशित किए गए हैं।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, RDA अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल इस मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और दावा-आपत्ति आने पर संबंधित समिति द्वारा नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। मंत्री केदार कश्यप या संबंधित कंपनी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह भी पढ़ें : Vishnu Deo Sai : सीएम साय के बेटे का फेसबुक अकाउंट हैक होने का दावा, आपत्तिजनक पोस्ट के बाद पुलिस में शिकायत



