सीजी भास्कर, 29 सितंबर : रायपुर विकास प्राधिकरण की भू-आवंटन योजना पर विवाद (RDA Land Allotment Controversy) सामने आया है। लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन को लेकर कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23,327 वर्गफीट का भूखंड दिया जा रहा है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया की जांच और योजना निरस्त करने की मांग की है।
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सड्डू में 23 हजार वर्गफीट प्लॉट
डॉ. गुप्ता के अनुसार, प्रस्तावित प्लॉट नंबर 25 का क्षेत्रफल करीब 2,168 वर्गमीटर यानी 23,327 वर्गफीट है। यह प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास बताया गया है। उन्होंने इसकी संभावित बाजार कीमत करीब 20 करोड़ रुपए आंकी है। हालांकि, यह राशि उनका अनुमान है, RDA की ओर से निर्धारित कीमत नहीं।
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कचना की जमीन, सड्डू में प्लॉट
डॉ. गुप्ता का दावा है कि राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। आरोप है कि इस जमीन को नगर विकास योजना में शामिल करने के बाद कंपनी को कचना से करीब एक किलोमीटर दूर सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। संबंधित मूल जमीन को योजना में प्लॉट नंबर 71 के रूप में दर्शाए जाने और सार्वजनिक सुविधा के लिए आरक्षित किए जाने का भी दावा किया गया है।
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धारा 50 का दिया हवाला
डॉ. गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 के प्रावधानों का हवाला देते हुए भूखंड आवंटन प्रक्रिया (RDA Land Allotment Controversy) पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुनर्गठन के बाद भू-स्वामी को अंतिम भूखंड मूल भूमि या उससे जुड़े क्षेत्र में दिए जाने से संबंधित प्रावधान हैं। इसी आधार पर उन्होंने कचना की जमीन के बदले सड्डू में भूखंड दिए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।
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अन्य भू-स्वामियों पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने योजना में अन्य भू-स्वामियों के भूखंडों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ भू-स्वामियों को प्रमुख सड़क के बजाय अंदरूनी हिस्सों में भूखंड दिए गए हैं। उन्होंने भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। डॉ. गुप्ता ने इस संबंध में मुख्य सचिव को पत्र भेजकर योजना निरस्त करने की मांग भी की है।
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RDA बोला- आपत्ति पर होगी जांच
RDA के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें अभी तक डॉ. राकेश गुप्ता की ओर से इस संबंध में आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। RDA CEO अवनीश शरण के अनुसार, यदि दावा-आपत्ति दर्ज होती है तो संबंधित समिति उस पर जांच करेगी और इसके बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। RDA की आधिकारिक वेबसाइट पर लाभांडी, कचना और सड्डू की प्रस्तावित नगर विकास योजना तथा धारा 50 से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मंत्री केदार कश्यप या उनकी पत्नी से जुड़ी कंपनी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। ऐसे में फिलहाल सड्डू के प्रस्तावित प्लॉट और कचना की मूल जमीन के आवंटन से जुड़े डॉ. गुप्ता के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। आगे दावा-आपत्ति और RDA की समिति की जांच से जमीन आवंटन विवाद (RDA Land Allotment Controversy) से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।
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