सीजी भास्कर, 10 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती और जनजातीय संस्कृति ने देशभर से आए वरिष्ठ अधिकारियों का मन मोह लिया। राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के समापन के बाद विभिन्न राज्यों से पहुंचे अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। इंद्रावती नदी की मनोरम जलधारा और पारंपरिक लोकनृत्य ने इस यात्रा को खास बना दिया। बस्तर के प्राकृतिक नजारे (Chitrakote Waterfall) देखने पहुंचे अतिथियों का स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।

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गौर नृत्य से स्वागत
चित्रकोट पहुंचने पर स्थानीय जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक गौर नृत्य प्रस्तुत कर अधिकारियों का स्वागत किया। गौर सींगों से सुसज्जित मुकुट और कौड़ियों की मालाएं पहने कलाकारों ने मांदर और ढोल की थाप पर आकर्षक प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अपने कैमरों में कैद किया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और नृत्य ने अतिथियों को जनजातीय जीवन और संस्कृति से रूबरू कराया। इस दौरान (Chitrakote Waterfall) के आसपास का प्राकृतिक वातावरण और स्थानीय परंपराएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
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प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना
अधिकारियों ने जलप्रपात के विभिन्न व्यू-पॉइंट्स से इंद्रावती नदी और आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया। उन्होंने बस्तर की लोककला, जनजातीय परंपराओं और प्राकृतिक संपदा की सराहना की। चित्रकोट जलप्रपात अपनी विशाल जलधारा और प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है। यहां पहुंचे अतिथियों ने इस क्षेत्र की खूबसूरती को यादगार बताया। भ्रमण के दौरान (Chitrakote Waterfall) के प्राकृतिक आकर्षण के साथ बस्तर की सांस्कृतिक पहचान भी चर्चा में रही।
सहकारिता से पर्यटन को बढ़ावा
भ्रमण के दौरान स्थानीय वनोपज और इको-टूरिज्म को सहकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और पर्यटन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने की संभावनाएं सामने आईं। बस्तर की प्राकृतिक संपदा और पारंपरिक ज्ञान को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने क्षेत्र के आतिथ्य और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की। इस तरह (Chitrakote Waterfall) का भ्रमण केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय आजीविका और सांस्कृतिक पहचान की संभावनाओं पर विचार का अवसर भी बना।
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ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी, छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता सचिव सी. आर. प्रसन्ना, संभागायुक्त डोमन सिंह, सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश शर्मा और कलेक्टर आकाश छिकारा सहित केंद्र तथा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद आयोजित इस भ्रमण के जरिए अतिथियों को बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं को करीब से जानने का अवसर मिला।
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