सीजी भास्कर, 17 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को हाईकोर्ट से राहत (CGPSC Scam) नहीं मिली है। मेडिकलआधार पर दायर जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया उनकी भूमिका सामने आती है।

स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगी थी जमानत CGPSC Scam
सोनवानी के वकील ने हृदय संबंधी परेशानी और पेसमेकर लगाए जाने का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि जरूरत पड़ने पर रायपुर के अस्पताल या एम्समें उनका इलाज कराया जा सकता है।
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3 करोड़ रुपये लेने का आरोप
ईडी के मुताबिक, भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के दौरान 33 से अधिक अभ्यर्थियों से करीब 3 करोड़ रुपये जुटाए गए। एजेंसी ने प्रश्नपत्र लीक कराने और पसंदीदा अभ्यर्थियों के चयन में मदद के बदले रकम लेने का आरोप लगाया है।
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भतीजों के चयन और 45 लाख रुपये की जांच
जांच एजेंसी ने भर्ती नियमों में संशोधन के जरिए सोनवानी के भतीजों को लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा, ग्रामीण विकास समिति को सीएसआर के नाम पर दिए गए 45 लाख रुपये के लेनदेन की भी जांचकी जा रही है। ये सभी आरोप हैं, जिन पर अंतिम फैसला अदालत में होना है।
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हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद सोनवानी सुप्रीम कोर्टका रुख कर सकते हैं। मामले में सीबीआई और ईडीकी जांच से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
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