सीजी भास्कर, 18 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं की प्रगति केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश के विकास का आधार है। नवरात्रि के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक एकता और गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। सरकार इसी भावना के अनुरूप महिला सशक्तिकरण (Chhattisgarh Women Empowerment) के लिए लगातार काम कर रही है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने माता के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज के नवरात्रि महोत्सव और अमलीडीह में आयोजित ढोलिडा रास गरबा-2026 सहित विभिन्न आयोजनों में शामिल हुए।
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संस्कृति और सामाजिक एकता का संगम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि के दौरान पूरे देश और प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण रहता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना से साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। यह पर्व सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और समरसता की भावना भी बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि गरबा केवल नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है। गुजरात से शुरू हुई गरबा की समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है। विभिन्न समाजों और समुदायों के लोग जब मिलकर त्योहार मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने गरबा महोत्सवों में माताओं, बहनों और बेटियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की सहभागिता से आयोजन और अधिक सुंदर तथा गरिमामय बनते हैं। नवरात्रि हमें महिलाओं के सम्मान के साथ उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराती है। गरबा महोत्सव हमारी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सुंदर संगम है।
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68 लाख महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से काम कर रही है। महतारी वंदन योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की स्वतंत्रता को भी मजबूत कर रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग दैनिक जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। माताओं-बहनों के चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष देखकर सरकार को अपने प्रयासों की सार्थकता का अनुभव होता है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह प्रदेश के विकास में अपनी पूरी क्षमता के साथ भागीदारी कर सके।
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14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि महिलाओं की मेहनत, लगन, उद्यमशीलता और सामर्थ्य को दर्शाती है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ गांव और समाज की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक रूप से सक्षम होने से परिवारों में खुशहाली आती है। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होते हैं तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की गति तेज होती है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना महिला सशक्तिकरण (Chhattisgarh Women Empowerment) की दिशा में सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
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माता कौशल्या की धरती पर शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। यहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। प्रदेश में सदियों से शक्ति की उपासना और देवी आराधना की गौरवशाली परंपरा रही है।
नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी के दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गांवों और शहरों में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाते हैं और पूरा प्रदेश माता की भक्ति में सराबोर हो जाता है। यह धार्मिक आस्था के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की विशिष्ट पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रकृति, आस्था, लोकजीवन और अध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। यहां के तीज-त्योहार और धार्मिक परंपराएं पीढ़ियों को जोड़ती हैं। इन परंपराओं को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का दायित्व है।
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‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने देश को ‘विकास भी, विरासत भी’ का मंत्र दिया है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार समग्र विकास के साथ प्रदेश की संस्कृति, आस्था और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। देवी शक्तिपीठों और अन्य आस्था केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने के साथ उन्हें प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा भी है। विकास की यात्रा में अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहना आवश्यक है। सरकार का प्रयास है कि आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत हो। नवरात्रि और गरबा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। राज्य सरकार महिलाओं को सम्मान और समान अवसर देकर महिला सशक्तिकरण (Chhattisgarh Women Empowerment) के साथ प्रदेश के समग्र विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सुख-समृद्धि के लिए मां दुर्गा से की प्रार्थना
मुख्यमंत्री साय ने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि माता रानी की कृपा सभी प्रदेशवासियों पर बनी रहे। हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आए तथा छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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