सीजी भास्कर, रायपुर, 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने और सफल उद्यमी बनने का मौका मिल रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और आईआईएम रायपुर की संयुक्त पहल (Atha Udyam Yojana Chhattisgarh) के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने में मदद दी जाएगी। कार्यक्रम के लिए अब तक पूरे प्रदेश से एक हजार से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इच्छुक महिलाएं 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। शुरुआती चरण में 250 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के छोटे कारोबार को व्यवस्थित और लाभकारी उद्यमों में बदलना है। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को की थी।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Seed Production Farming : छत्तीसगढ़ के किसानों ने बदली खेती की राह, बीज उत्पादन से कमाई में 75% तक का उछाल
सालभर मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
‘आजीविका से उद्यमिता की ओर’ की अवधारणा पर आधारित इस कार्यक्रम में चयनित महिलाओं को 64 घंटे का चरणबद्ध व्यवसाय विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही एक वर्ष तक विशेषज्ञों का परामर्श, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग मिलेगा। सफल उद्यमियों के अनुभवों से सीखने का अवसर भी दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, लागत और लाभ की गणना करने, बिक्री व खर्च का रिकॉर्ड रखने, उत्पादन और वितरण की योजना बनाने तथा ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार कारोबार विकसित करने की जानकारी दी जाएगी। (Atha Udyam Yojana Chhattisgarh) के तहत पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन और बाजार की मांग समझने में भी सहायता मिलेगी।
यह भी पढ़ें : Balodabazar Crime : सूने मकान को बनाया निशाना, लाखों के जेवर चोरी करने वाले गिरोह के नौ आरोपी गिरफ्तार
छोटे कारोबार को मिलेगा बाजार
इस पहल से खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कपड़ा निर्माण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वनोपज का मूल्य संवर्धन, स्थानीय उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और गैर-कृषि सेवा व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिल सकता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान मजबूत करने और स्थानीय बाजार से आगे नए ग्राहकों तक पहुंचने के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में खास तौर पर उन महिलाओं को अवसर मिलेगा, जो पहले से गैर-कृषि व्यवसाय चला रही हैं और उसे आगे बढ़ाना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की सदस्य या उनसे जुड़े परिवारों की महिला उद्यमी आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, केवल सामान खरीदकर बेचने यानी ट्रेडिंग करने वाले कारोबार इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं हैं।
यह भी पढ़ें : Raipur Property Tax Rebate 2026 : 31 दिसंबर तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, मिलेगी 4% की छूट
252 प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण
ग्रामीण महिला उद्यमियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए आईआईएम रायपुर ने 252 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) सदस्यों को प्रशिक्षित किया है। ये सदस्य अपने क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कार्यक्रम की जानकारी देने और आवेदन के लिए प्रेरित करने में मदद कर रहे हैं। इसके अलावा जिला और विकासखंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण भी आईआईएम रायपुर के प्रबंधन विकास केंद्र में पूरा किया गया है। इससे पात्र महिलाओं की पहचान करने और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें : Surajpur River Drowning Case : रेड नदी में नहाने उतरे चार लोगों की मौत, दशहरा की खुशियां मातम में बदलीं
यहां करें ऑनलाइन आवेदन
इच्छुक महिला उद्यमी आधिकारिक पोर्टल https://atha.iimraipur.edu.in/ पर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन संबंधी जानकारी और सहायता के लिए स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, क्षेत्रीय सीआरपी दीदी या विकासखंड स्तरीय बिहान कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।
शुरुआती चरण में आवेदन और पात्रता के मूल्यांकन के आधार पर 250 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। (Atha Udyam Yojana Chhattisgarh) का उद्देश्य महिलाओं की व्यावसायिक और प्रबंधकीय क्षमता बढ़ाना, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और बाजार में अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए तैयार करना है।



